रायपुर. छत्तीसगढ़ फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा बुधवार को प्रदेश में फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया .इस अवसर में संगठन के द्वारा विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किया गया . बालोद में जागरूकता रैली निकाली गई जिसमें आम जनता को एलोपैथिक दवाई का उपयोग नशीली दवाई के दुष्प्रभाव एंटीबायोटिक दवाइयों का डोज की जानकारी दी गई. रक्तदान शिविर व फार्मेसी संगोष्ठी आयोजित किया

गया. इसी तरह रायपुर में भी संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें संगठन के प्रदेश पदाधिकारी शामिल हुए. विभिन्न सामूहिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला अस्पतालों में पदस्थ फार्मासिस्ट ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस का आयोजन किया. प्रमुख रूप से बिलासपुर जगदलपुर सरगुजा तिल्दा जांजगीर रायगढ़ में आयोजन किया गया . फार्मासिस्टों ने बताया की हाल ही में फार्मेसी क्षेत्र में जागरूकता आई है. संगठन समाज में दवाइयों के प्रति जागरूकता लाने का लगातार प्रयास कर रही है. अक्सर देखा गया है कि मरीजों

फार्मासिस्ट व फिजिशियन के सलाह के बिना एलोपैथिक दवाई का उपयोग करते हैं जिसका गंभीर दुष्परिणाम देखने को मिला है एलोपैथिक दवाइयों का उपयोग फार्मासिस्ट एवं फिजीशियन के बगैर सलाह के लेने से जान के साथ आर्थिक हानि भी हो रही है. दवाइयों की कीमत दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे है इसका एक मुख्य कारण एंटीबायोटिक दवाइयों का दुष्प्रभाव होना भी है. हमारे भारत देश में दवाइयों का रिसर्च ना के बराबर होता है लोगों द्वारा एलोपैथिक दवाइयों का लगातार गलत उपयोग करने से एंटीबायोटिक दवाओं से रोग प्रतिरोधकता क्षमता कम हो रही है. नित एंटीबायोटिक दवाई की आवश्यकता पड़ रही है. यह विदेशों से आयात की जाती है. दवाओं का पेटेंट होने कारण यह महंगे दामों में मिलते हैं. मेडिकल स्टोर में फार्मेसिस्ट नहीं होने के कारण दवाओं का सलाह नहीं मिलता है . आम जनता को अंग्रेजी दवाइयों के छूट के चक्कर में न पड़कर जहां मेडिकल फार्मासिस्ट है वहीं पर जाना चाहिए.