सूर्य की किरण धरती पर पड़ते ही पवन लिखते है किताब

छत्तीसगढ़

रायपुर। सूर्योदय होते ही दिन की अच्छी शुरुआत होती है और सुबह का समय सबसे अनुकूल होता है । सूर्य की पहली किरण धरातल पर पड़ते ही मन में ताजगी व प्रसन्नता का अहसास होता है। राजधानी रायपुर के कुशालपुर निवासी पवन पौराणिक सुबह होते ही जब सूर्य का प्रकाश धरती पर पड़ती है तो उन्हें नमन कर किताब लेखन शुरू कर देते है। इसके बाद यह तब तक लिखते रहते है जब तक इनकी कलम नहीं रुकती । इस समर्पित लेखक ने वय से वैराग्य की प्रथम दो, तीन भाग के बाद चतुर्थ किताब लेखन भी पूरी कर चुके है। उन्होंने बताया किताब लेखन का अभ्यास उन्होंने किशोर अवस्था से किया था लेकिन बीच में कारण वश लिखना छूट गया । उन्होंने बताया कि जब वह ब्रम्हाकुमारी आश्रम में प्रवेश करने के बाद ईश्वरीय ज्ञान के बदौलत वह फिर से लिख रहे है । अब तक उन्होंने निस्वार्थ किताब लेखन कर काफी ख्याति प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि वय से वैराग्य चतुर्थ किताब का रचना हो चुका है, इसका विमोचन संभवत इसी महीने में होना है, इसमें यमदेव ने आधार कार्ड लागू किया , कमाल बाबा की कहानी ,राधा का नाम भागवत पुराण में क्यो नहीं,आदि प्रेरणादायक कहानी ,कविता है। उन्होंने किताबों की छपाई के लिए प्रकाशक को ऑडर दे दिया गया है, किताब मिलने के बाद विमोचन की तारीख तय कर दी जाएगी।

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