धान के रकबा में कटौती का मामला पकड़ा तूल, किसानों ने जताया आक्रोश

छत्तीसगढ़

By। अविनाश वाधवा

तिल्दा नेवरा। तिल्दा तहसील के किसानों का इस साल 2019 आखिरी दिन धान की चिंता में गुजर रहा है, धान की रकबा में कटौती के कारण निरस्त किए जाने का मामला किसानों में तूल पकड़ता जा रहा है, किसान संगठन किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले तहसीलदार को कलेक्टर के नाम से ज्ञापन दिया जा रहा है, किसानो ने धान के रकबा में एक तरफा कटौती किए जाने के बाद किसानों ने आक्रोश व्यक्त किया है ।दो दर्जन से अधिक किसानों ने पीड़ित किसानों ने अलग-अलग गांव से कलेक्टर के नाम से इस आशय का पत्र लिख रहे हैं । कलेक्टर के नाम से पत्र लिखकर कटे रकबा को जोड़ने के लिए गुहार लगा रहे हैं।किसानों ने बताया कि उन्होंने जिन खेतों में धान की फसल ली है उसका रकबा काट दिया गया है ।जिससे वह अपने खेतों में उत्पादित धान को समर्थन मूल्य पर नहीं भेज पा रहे हैं , उन्होंने कहा है कि धान का रकबा जो काटा गया है उसे तत्काल जोड़ा जाए ताकि किसान अपना धान बेच सके । किसानों को बिना विश्वास में लिए शासन प्रशासन द्वारा किसानों के पंजीकृत धान के रकबा को काट दिए गया हैं। इसके कारण किसान अपनी धान की उपज नहीं बेच पा रहा है और किसानो के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है । जो की किसानो के अत्यंत अपमानजनक है किसान मजदूर संघर्ष समिति के किसान नेता राजू शर्मा ने बताया कि इसके अलावा समितियों में टोकन की समस्या उत्पन्न हो रही है धान का उठाव नहीं होने से उपार्जन केंद्रों में जगह की कमी के कारण परिवहन में कठिनाई हो रही है ।

वहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा लिखित में सहमति के बिना किसानों के बचत खाते से धान बिक्री की राशि को आहरण किया जा रहा है।जिस पर किसान नेता राजू शर्मा ने आपत्ति दर्ज करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों को धान बेचने में राहत दे और नित्य दिन नए नियम धान बिक्री पर नहीं बनाएं, इससे किसान काफी निराश और हताश है

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