संत पवन दीवान की जयंती में साहित्यकारों को किया सम्मानित

छत्तीसगढ़

संत और साहित्य समाज की अमूल्य विरासत होती है

किरवई राजिम।संत और साहित्य समाज की अमूल्य विरासत होती है, जो अपने ज्ञान एवं दर्शन से समाज को आईना दिखाने का कार्य करती है, उक्त उद्बोधन संत कवि पवन दीवान के जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि के आसंदी से बोलते हुए श्री गैंदलाल साहू सामाजिक कार्यकर्ता ने कही ।छत्तीसगढ़ के ख्यातिप्राप्त संत कवि पवन दीवान का जयंती समारोह कल उनके गृहग्राम किरवई में बड़े ही गरिमामय ढंग से मनाया गया ।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती रेखा साहू ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सिंहवाहिनी की पुजा अर्चना के साथ हुआ ततपश्चात उपस्थित अतिथियों ,साहित्यकारों एवम ग्रामीण जनों ने दीवान के तैलचित्र पर माल्यार्पण करके एवं श्रद्धा सुमन अर्पित करके उन्हें याद किया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ सुमधुर गीतकार रोहित साहू ,माधुर्य के द्वारा मां शारदे की वंदना के साथ हुआ ।इसके पश्चात संत कवि पवन दीवान के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार गोष्ठी में यशवंत सेन,यथार्थ शर्मा, राजू दीवान,मोहनलाल मानिकपन, डॉ रमेश सोनसायटी,दिनेश चौहान, टीकमचंद सेन,श्रीमती केंवरा यदु,रमेश पहाड़िया ब्यूरो चीफ नवभारत, तुकाराम कंसारी,श्रीमती रेखा साहू, श्री गैंदलाल साहू एवम कुमार दुबे ने दीवान के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ के महापुरुष की संज्ञा देते हुए शासन से आग्रह किया है कि ,संत कवि पवन दीवान के गृहग्राम में प्रतिवर्ष शासकीय आयोजन फलस्वरूप साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होने चाहिए, साथ ही साथ दीवान के स्मृति में शासन की ओर से संत कवि पवन दीवान साहित्य सम्मान की भी घोषणा करने की मांग किया है।इस अवसर पर त्रिवेणी संगम साहित्य समिति राजिम नवापारा के द्वारा प्रतिभावान छात्र छात्राओं को संत कवि पवन दीवान स्मृति सम्मान2020 से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु तीन साहित्यकारों को संत कवि पवन दीवान स्मृति साहित्य सम्मान 2020 से सम्मानित किया गया इस सम्मान से सम्मानित होने वाले कवित्री केंवरा यदु, साहित्यकार मोहनलाल मानिकपन, भावुक एवं युवा गीतकार किशोर कुमार निर्मलकर को प्रशस्ति पत्र,351रुपये नगद राशि,शाल एवम श्रीफल भेंट करके सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें सुरेंद्र कुमार अग्निहोत्री, आगी,महासमुंद, हलधर नाथ योगी,कोपरा,डॉ रामशरण चंद्राकर महासमुंद,मकसूदन साहू बरीवाला, किशोर कुमार निर्मलकर, संतोष कुमार साहू, प्रकृति,छग्गू यास अडील,श्रवण कुमार साहू, प्रखर”,थानु राम निषाद,अकेला”,डॉ मोतीलाल साहू, रोहित साहू माधुर्य, रामेश्वर रंगीला एवं गोकुल सेन ने अपनी अपनी हास्य व्यंग्य, ओज, एवं श्रृंगार रस से परिपूरित काव्य पाठ किया, जिसे सुनकर श्रोताओं ने खूब सराहा।कार्यक्रम का संचालन श्रवण कुमार साहू,”प्रखर”ने किया और आभार प्रदर्शन मोहनलाल मानिकपन, भावुक ने किया।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुखराम साहू ,अनील कुमार साहू,गैंदलाल साहू, श्रीमती रेखा साहू, नारायण साहू, श्रीमती कांति तारक,श्री नन्दकुमार तारक, श्रीमती सुखमत साहू, श्रीमती सुनैना साहू, यशवंत सेन ,दिनेश कुमार साहू, आचार्य अनिल कुमार साहू, यथार्थ शर्मा, शत्रुहन जलक्षत्री, अमर साहू, सोनसाय साहू,किरण कुमार साहू,संतोष कुमार साहू, कुमार दुबे का सराहनीय योगदान रहा।

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