गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ थीम पर युवा प्रतिभाओ का संगम स्थल बनेगा रायपुर

छत्तीसगढ़


पंथी के थाप,सुआ के ताल,करमा के झांझ,रॉउत के दोहा से सज पड़ेगा युवा महोत्सव

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सपनो को साकार करते हुए गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के थीम में पहली बार युवा महोत्सव का आयोजन रायपुर शहर में किया जा। 12 से 14 जनवरी तक चलने वाले युवा महोत्सव साइंस कॉलेज के मैदान में आयोजित होगा। जिसमे प्रदेश के विभिन्न जिलों के चयनित प्रतिभागी अपने हुनर व कौशल का प्रदर्शन करेंगे। गौरतलब है कि 12 जनवरी को युवाओ के प्रेरणा स्वरूप स्वामी विवेकानन्द जी के जन्म दिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में यह पहला मौका होगा जब युवाओं को भारतीय संस्कृति के साथ साथ छत्तीसगढी संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, लोक खेल लोकगीत आदि पारंपरिक खेलों का एक साथ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जिला खेल अधिकारी श्रीमती प्रीति बंछोर ने बताया युवा महोत्सव के लिए बलौदाबाजार भाटापारा जिला से कुल 309 प्रतिभागी विभिन्न विधाओ सहित खेलो में भाग लेंगे। इसमे 115 महिला,194 पुरूष शामिल है। बिलाईगढ़ विकासखण्ड से 33 कसडोल से 56,भटगांव से 42 पलारी 78 बलौदाबाजार से 86 सिमगा विकासखण्डों से 11 प्रतिभागी भाग ले रहे। इनका चयन पूर्व में जिला स्तर पर कर लिया गया था।लोकनृत्य, सुआ नृत्य, पंथी नृत्य, करमा नाचा,रॉउत नाचा, लोकगीत एकांकी नाटक, शास्त्रीय गायन, बासुरी वादन,तबला वादन,हारमोनियम,गिटार, मणिपुरी, कत्थक, भरतनाट्यम फुगड़ी, भौरा, गेड़ी दौड़, पारम्पारिक वेशभूषा, चित्रकला निबन्ध वाद विवाद, क्विज फूड फेस्टिवल,कबड्डी, खो-खो प्रतियोगिताओ में बलौदाबाजार भाटापारा जिला के प्रतिभागी भाग लेंगे। पारम्परिक वेशभूषा में जिला का प्रतिनिधित्व करने वाली बलौदाबाजार निवासी गुरुकुल इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राचार्या श्री मती वंदना तिवारी ने मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद कहते हुए कहा कि यह पहली बार है कि इस तरह युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जो छत्तीसगढी संस्कृति,व छत्तीसगढी खेल से संबंधित है जिसे आज की नई पीढ़ी भूलती जा रही है इसको सहजने का एक सहरानीय प्रयास सरकार के माध्यम से किया जा रहा है। उन्होंने कहा मैं आज 50 साल से अधिक उम्र के पड़ाव में युवा उत्सव में भाग लेने रही हु जो मुझे पुनर्जन्म जैसा अहसास होता है। उन्होंने बताया कि मैं छत्तीसगढ़ के शान और लोक संस्कृति के पुरोधा पद्म विभूषण श्री मती तीजन बाईं के जैसा वेशभूषा धारण करूंगी। युवा महोत्सव में भाग लेने से निश्चित ही मुझमें जोश और उत्साह का संचार होगा। उसी तरह एक अन्य प्रतिभागी भाटापारा निवासी ऊषा धुव्र ने कहा मैं बचपन से फुगड़ी खेलती थी परन्तु अब नही खेलती थी, जब पता चला कि फुगड़ी की प्रतियोगिता हो रहा तब मैंने इसमे भाग लिया व जिला में प्रथम स्थान पाकर आज जिला का प्रतिनिधित्व करने जा रही हूं। मै कभी सपने में भी नही सोच पाती की फुगड़ी जैसे छत्तीसगढ़ी लोक खेलो का भी प्रतियोगिता सरकार के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सरकार की सोच को बधाई दिया कि कोई तो है जो हमारी छत्तीसगढी खेलो के बारे में सोचते है व बढ़ावा दे रहे है। उसी तरह बलौदाबाजार निवासी आँचल सिंह भी उन प्रतिभागियों में शामिल है जो छत्तीसगढ़ में रहकर मणिपुरी नृत्य में भाग ले रही है। जिसे देखकर हम निश्चित ही यह कह सकते है की यह हमारी भारतीय संस्कृति में विविधता में एकता का पहचान स्वरूप है। युवा महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की सारी तैयारी पूरी हो गई है। सभी प्रतिभागी जिला केंद्र से सुबह 11 बजे रायपुर के लिए रवाना होगी। इनके जाने के लिए बसों की व्यवस्था प्रशासन की ओर से किया जा चुका है।

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