एक दिवसीय विधानसभा सत्र का भाजपा ने किया विरोध, राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष से भेंट कर दर्ज कराई आपत्ति

छत्तीसगढ़ राजनिति


रायपुर। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने 16 जनवरी को बुलाए गए एक दिवसीय छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र का विरोध किया है। उनका आरोप है कि सरकार संसदीय परंपरा से अलग कार्य कर रही है, जो अनुचित है। जानकारी के मुताबिक इस विशेष सत्र के दिन कृतज्ञता प्रस्ताव का अनुमोदन और उसी दिन 126 वे सविधान संशोधन का पारण होना है। इस संबंध में पूर्व मंत्री विधायक अजय चंद्राकर ने बताया कि भाजपा विधायकों की आपत्ति इस बात पर है कि संसदीय इतिहास में एक दिन में ही ऐसा नहीं हुआ है। संशोधन देना विपक्ष का अधिकार है ऐसे में उसी दिन संशोधन होना, सचिवालय द्वारा चेक करना और संशोधन प्रिंट होने के बाद सदस्यों में वितरण होता है पश्चात संशोधन प्रस्ताव और अभिभाषण पर चर्चा होती है। परंतु ऐसा एक दिन में होना प्रतीत नही होता। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार सरकार राज्यपाल का अभिभाषण कराने जा रही है। यह संसद इतिहास का पहला मौका होगा जब राज्यपाल का अभिभाषण वर्ष में दूसरी बार होगा। परंपरा अनुसार वर्ष की प्रथम सत्र में राज्यपाल का अभिभाषण होता है। इसी बात पर आपत्ति दर्ज कराने भाजपा विधायकों का प्रतिनिधि मंडल राजभवन जाकर राज्यपाल से तथा विधानासभा अध्यक्ष चरणदास महंत से उनके आवास पर भेट की। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, विधायक सर्वश्री बृजमोहन अग्रवाल,ननकीराम कंवर,अजय चंद्राकर, शिवरतन शर्मा, नारायण चंदेल, पुन्नूलाल मोहले, प्रेमप्रकाश पांडेय, रंजना साहू, मोतीलाल साहू, विद्यारतन भसीन, डमरूधर पुजारी, रजनीश सिंह आदि मौजूद थे।

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