श्रीमद् भागवत कथा श्रवण से आत्मा शुद्ध और मन पवित्र होता है: पं. उपाध्याय

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खंडवा। हमारे शरीर के अंदर दस दुवार है और इन दुवारओं में जो आत्मा बैठी है वही तो साक्षात नारायण है। आत्मा तो जीव मात्र में भी है फिर हम क्यों दुवेश करते हैं, अगर कोई आगे बढ़ रहा है तो उसकी टांग क्यों खींचने लगते हैं। संसार में धन का होना जरूरी नहीं है, हमें कभी भी जबरन का टेंशन नहीं लेना चाहिए। उक्त उद्बोधन कथा व्यास से पं. मनोज उपाध्याय ने किशोर नगर रहवासी संघ के तत्वावधान में किशोर नगर स्थित श्री मनोकामेश्वर हनुमान मंदिर वाटिका में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के द्वितीय दिवस के अवसर पर राजा परीक्षित जन्म कथा के दौरान आख्यान सुनाते हुए दिए। यह जानकारी देते हुए किशोर नगर रहवासी संघ अध्यक्ष पं. प्रेमनारायण तिवारी एवं प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि कथा के दोरान पंडित उपाध्याय जी ने कहा कि जिस रसोईघर में शुद्धता होती है वहीं लक्ष्मी माता और अन्नपूर्णा माता का वास होता है। कथा के दौरान मधुर भक्तिमय भजन मन मथुरा दिल द्वारिका…, माहरा कृष्ण सावरा… आदि भजनों पर उपस्थित श्रद्धालुजन जमकर झूमे। 27 जनवरी को भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा जी की मूर्ति की भी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। कथा के दौरान मुख्य यजमान श्रीमती रजनी मनोहर चंदानी एवं श्रीमती मंजुला हुकुमचंद चौहान, कमलचंद दुबे, हीरालाल पटेल, निर्मल मंगवानी, रामनारायण शाह, भरत राठोर, अशोक तिवारी, किशोर नगर रिद्धि सिद्धि महिला मंडल आदि सहित बड़ी संख्या में नगर की धर्म प्रेमी जनता उपस्थित थी।

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