युवाओं को रोजगार-स्वरोजगार प्रशिक्षण, 25 जनवरी को जशपुुर में स्क्रीनिंग….

छत्तीसगढ़

जिला प्रशासन और लाईफ प्रोजेक्ट फाॅर यूथ संस्था की संयुक्त पहल

जशपुर। जिले के शिक्षित अशिक्षित युवाओं, बेरोजगारों, दिव्यांगों एवं कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवक-युवतियों को स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए साढे़ तीन माह का निःशुल्क प्रशिक्षण दिए जाने की अभिनव पहल जिला प्रशासन जशपुर एवं टूमाॅरो फाउण्डेशन की लाईफ प्रोजेक्ट फाॅर यूथ संस्था द्वारा शुरू की जा रही है। इसके तहत् जशपुर जिले के सभी वर्ग एवं श्रेणी विशेषकर वंचित वर्ग के 18 से 25 वर्ष तक की उम्र के युवक-युवतियों को रोजगार एवं स्वरोजगार की टेªनिंग दी जाएगी। टेªनिंग प्राप्त करने के इच्छुक युवक-युवतियों का चयन स्क्रीनिंग के माध्यम से किया जाएगा। यह स्क्रीनिंग 25 जनवरी को पूर्वान्ह 10.30 बजे से डोड़काचैरा जशपुर स्थित लाईवलीहुड काॅलेज में होगी। सभी वर्ग एवं श्रेणी के शिक्षित-अशिक्षित अथवा पढ़ाई छोड़ चुके युवक-युवतियां स्क्रीनिंग में भाग ले सकते हैं। दिव्यांग युवक-युवतियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि जिला प्रशासन जशपुर ने जिले के युवाओं को स्वरोजगारी बनाने के उद्देश्य से टूमारो फाउन्डेशन की लाईफ प्रोजेक्ट फाॅर यूथ संस्था के सहयोग से यह पहल शुरू की है। लाईफ प्रोजेक्ट फाॅर यूथसंस्था की पदाधिकारी सुश्री ऐलोडी क्ूयो एवं सीएसएसडीए के सहायक संचालक श्री प्रकाश यादव 25 जनवरी को लाईवलीहुड काॅलेज जशपुर में 10.30 बजे से स्वरोजगार प्रशिक्षण के इच्छुक युवाओं से चर्चा कर उनकी स्क्रीनिंग करेंगे।

कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने बताया कि चयनित युवक युवतियों को लाईफ प्रोजेक्ट फाॅर यूथ संस्था द्वारा रायपुर स्थित सारागांव में उनके पसंद के ट्रेड की टेªनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण पूर्णतः आवासीय होगा। प्रशिक्षणार्थियों को संस्था के कैम्पस में ही रहना होगा, जहां भोजन एवं आवास की व्यवस्था निःशुल्क रहेगी। चयनित युवाआंे को उनके पसंद के रोजगार व्यवसाय विशेषकर आईटी सेक्टर, हाॅस्पिट्लिटी कस्टमर रिलेश्सनशिप, समुदाय आधारित सेवा, इलेक्ट्रिशियन, पलंम्बर, कारपेंटर, कम्प्यूटर, होटल मैनेजमेंट, टायपिंग एण्ड रिर्पोटिंग सहित अन्य ट्रेड का गहन प्रशिक्षण डूईंग एण्ड लर्निंग आधार पर दिया जाएगा। सुश्री ऐलोडी क्ूयो ने बताया कि चयनित युवक-युवतियों का प्रशिक्षण मई माह से रायपुर में शुरू होगा। संस्था द्वारा युवाओं को कौशल उन्नयन के पश्चात् उनके प्लेसमैंट एवं स्व-रोजगार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा। सभी शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाओं से ज्यादा से ज्यादा युवक-युवतियों को स्क्रीनिंग टेस्ट में शामिल कराने के लिए उन्हें प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने की अपील की गई है, ताकि युवाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण के माध्यम से स्वावलंबी बनाया जा सके।

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