मुख्यमंत्री को देख बच्चे भी चलाने लगे भौंरा, लोक खेलों के प्रति बढ़ रहा आकर्षण

खेल छत्तीसगढ़ जज्बा

रायपुर (मुकेश टिकरिहा)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोक खेलों को बढ़ावा देने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश के मुखिया को भौंरा चलाते देखना बच्चों को रोमांचित कर रहा है और बच्चे भी मोबाइल की दुनिया से निकल कर इन लोक खेलों की तरफ रुचि दिखा रहे है।
रायपुर के चंगोराभाठा इलाके के कुछ बच्चों को मुख्यमंत्री का यह अंदाज ऐसा भाया कि वे लोग एक जगह मिल कर भौंरा चलाते हैं। वहां के रहवासी बताते है कि मोहल्ले के करीब 4-5 बच्चे रोजाना पढ़ाई के बाद जो समय मिलता है उसमें भौंरा चलाते है। बच्चों को इस तरह से भौंरा चलाते हुए देखना वहां से गुजरने वाले लोगों को अनायास अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। वहां से गुजरते हुए लोग यह बात जरुर कहते है कि “चलो हमारे सीएम साहब भूपेश बघेल ने खेल के प्रति खासकर बच्चों में एक नया जोश भर दिया।” जहां एक तरफ राजधानी के अधिकांश बच्चे मोबाइल में गेम खेलने में व्यस्त रहते है तो वहीं मुख्यमंत्री की प्रेरणा से दूसरे कई ऐसे बच्चे है जो इस तरह के खेल भी खेलते है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और रीति रिवाजों को जिस ढंग से पुनर्जीवित कर रहे है उसकी जितनी भी सराहना की जाये वह कम है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के चंद घंटों के बाद से ही वे छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और रीति रिवाजों के लिए बेहतर काम कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कुछ महीने पहले भिलाई में स्कूल शिक्षा विभाग के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में और लैंग्वेज लर्निंग फांउडेशन द्वारा आयोजित नींव और भाषा पिटारा कार्यक्रम के दौरान बच्चों को “चलब भौंरा चलाबो” कहानी सुनाई थी। उनके कहानी सुनाने का अंदाज बिल्कुल नये लर्निंग आउटकम के तरीकों पर आधारित था। उन्होंने बच्चों को पहले भौंरा के बारे में बताया, फिर कहा कि अगर भौंरा (लट्टू) दो और बच्चे तीन हो तो कैसे खेलोगे। ऐसी ही दिक्कत हेमा, भोला और केशव के साथ थी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा बताओ आप होते तो कैसे खेलते। फिर बताया कि पहले दो बच्चे खेलेंगे, जिसका भौंरा पहले गिरेगा वो तीसरे को दे देगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सुरेन्द्र पाण्डेय द्वारा लिखित सचित्र पुस्तक चलव भौंरा चलाबो का विमोचन भी किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भौरा चलाते हुए फोटो एवं समाचार प्रदेश के समाचार पत्रों, वेब न्यूज पोर्टल और समाचार एजेंसियों में प्रकाशित एवं प्रसारित किया गया।

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