अम्बिकापुर :प्रशिक्षु ने गार्बेज कैफे का किया अवलोकन

छत्तीसगढ़

अम्बिकापुर।लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी से अध्ययन भ्रमण पर आए 2019 बैच के 18 प्रशिक्षु आईएस की टीम ने आज प्रतीक्षा बस स्टैंड स्थित गार्बेज कैफे का अवलोकन किया। इसके साथ ही दरिमा एयरपोर्ट में पैरासेलिंग का भी लुत्फ उठाया।
प्रशिक्षु आईएएस ने पहले गार्बेज कैफे पहुंचकर गार्बेज कैफे संचालन के उद्देश्य तथा संचालन व्यवस्थाओं का विस्तार से जानकरी लिये। उन्होंने पॉलिथीन के बदले दिए जाने वाले नाश्ते और भोजन की गुणवत्ता तथा साफ-सफाई का जायजा लिया और अच्छी गुणवत्ता के लिए सराहना किये। उन्होंने कैफे में चाय भी पिया। इसके बाद वजन मशीन, पॉलिथीन लाने वालों के नाम हेतु संधारित पंजी तथा नाश्ते और भोजन की सूची का भी अवलोकन किया। उन्होंने वजन करने वाले कर्मचारियों से पूछ-ताछ कर जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद प्रशिक्षु आईएएस ने दरिमा एयरपोर्ट में पैरासेलिंग कर मनोरंजन का लुत्फ उठाया। प्रशिक्षु आईएएस को अम्बिकापुर के पैरासेलिंग रेसलर श्री गौरी नन्दर पाल सिंह एवं उनके सहायक श्री जिजोत सिंह द्वारा पैरासेलिंग कराया गया। पैरासेलिंग में सहायता हेतु नायब तहसीदार श्री किशोर कुमार वर्मा, सर्व शिक्षा अभियान के मिशन समन्वयक डॉ. संजय सिंह, सहायक परियोजना समन्वयक श्री रविशंकर तिवारी, राजस्व निरीक्षक श्री रामविलास मानिकपुर, पटवारी श्री रामप्रताप सिंह मौजूद रहे।
पैरासेलिंग को पैरासेडिंग या पैराकिटिंग के नाम से भी जाना जाता है। यह एक मनोरंजक गतिविधि है जिसमें पैराशूट की आकृति वाले केनोपी विंग होते हैं। केनोपी विंग मजबूती के साथ चार पहिया वाहन से बंधा होता है। पैरासेलिंग करने वाला व्यक्ति केनोपी विंग के साथ बंधे वाहन के चालने पर ऊपर उड़ता है। पैरासेलिंग जल एवं जमीन दोनों में की जाती है। जल में केनोपी विंग बोट से बंधा होता है। पैरासेलिंग का खेल 1980 के दशक में यूरोप में प्रारंभ हुआ था और तब से यह लोकप्रिय है। पहला अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता 1980 दशक के मध्य में होने के बाद से हर वर्ष निरंतर आयोजित हो रहा है।

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