मनोरंजन की नही मनोमंथन की कथा है श्रीमद् भागवत पुराण: पं नवीन शास्त्री

छत्तीसगढ़ धर्म


खण्डवा। भागवत पुराण मनोरंजन की नही मनोमंथन की कथा है इसे हर आयु वर्ग के लोगों को अवश्य सुननी चाहिए, आम तौर पर ऐसा होता है कि कथा सुनने के लिए बुजुर्ग लोग ही पांडाल तक आते हैं जिनके ऊपर देश धर्म की जिम्मेदारी है उन नवयुवकों को भी आकर कथा सुननी चहिए जिससें वे सनातन धर्म को जानें समझें, अच्छे संस्कार ग्रहण करें तभी तो उनका जीवन सुधरेगा, वे सर्वत्र स्वयं का, देश और धर्म का मान बढ़ा सकेंगे। उक्त बात राम नगर के गरबा चौक में जारी कथा के तीसरे दिन पं नवीन शास्त्री ने सृष्टि रचना का सुंदर वर्णन करते हुए कही। यह जानकारी देते हुए समिति प्रवक्ता मुकेश अनंत कुलकर्णी ने बताया कि कथा वाचक ने सती चरित्र एवम ध्रुव चरित्र का मार्मिक और सुंदर वर्णन प्रस्तुत किया। जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गये। कथा के दौरान संगीता खेडेकर, डिम्पल चौरासिया, सुनीता पटेल, निर्मल मंगवानी आदि सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे। आयोजन समिति के डॉ. एनएस चौहान, राधेश्याम चंद्रोडे ने दस दिन चलने वाली इस कथा में उपस्थिति देकर प्रतिदिन कथा सुनने की सभी भक्तों से अपील की हैं।

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