भागवत कथा के दौरान जन्मोत्सव मनाया गया

छत्तीसगढ़ धर्म


खंडवा। गौ माता की सेवा करने के कारण जिनका गोपाल नाम हुआ, वह कोई मामूली ग्वाला नही था, बल्कि योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण थे, सोचने समझनें और ध्यान देने की बात है कि जब स्वयं भगवान ने भी गौमाता को माँ मान कर सेवा की है, तो हम इंसानों का भी यह परम कर्तव्य है कि हम भी गौमाता की सेवा करें, गौमाता की रक्षा करें, गौवंश का संवर्धन करें, जिसके दूध से जीवन मिलता है, गौमूत्र औषधि के काम आता है, शास्त्रों ने भी पंचगव्य का महत्व प्रतिपादित किया है, हम सब का दायित्व है कि हम गौंमाता के महत्व को समझें। उक्त उदगार पं नवीन शास्त्री ने गरबा चौक रामनगर में जारी भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर व्यक्त किये। यह जानकारी देते हुए समिति प्रवक्ता मुकेश अनंत कुलकर्णी ने बताया की श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर पूरा पांडाल नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयकारों से गूंज उठा, भक्त झूमते नाचते रहे, कथा के दौरान अधिकांश महिलाओं ने पीला परिधान पहना था। कथा दौरान श्रीराम अवतरण की कथा में श्रीराम जी के जन्म से मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की कथा विस्तार से सुनाई, उन्होंने कहा की प्रभु श्री राम के चरित्र में वर्णित हर गुण अपनाने योग्य है, आज की कथा में सुनाये गये भजन कैसे होली खेलूं रे मै सांवरिया के संग भजन में उपस्थिति भक्तों ने जमकर नृत्य करते हुए होली का माहौल बना दिया। इस आयोजन में पं ऋषभ गीते, गिरवर पटेल अनिल एवं शोभा मालवीया, आदर्श चौहान ने कथा में विभिन्न पात्रों की भूमिका का निर्वहन किया, एम एस ठाकुर, सन्तोष खेडेकर, काशीराम खतवासे, निर्मल मंगवानी आदि सहित बड़ी संख्या में नगरवासियों ने कथा का आनंद लिया।

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