राज्य स्तरीय मानस गान में मानस मंडलियों ने दर्शकों का मन मोह लिया

छत्तीसगढ़ धर्म

By । अविनाश वाधवा
तिल्दा नेवरा | तीन दिवसीय राज्य स्तरीय मानस गान में मानस मंडलियों ने भक्तिमय प्रस्तुति दी | इस दौरान मानस मंडली के महिला टीकाकार ने रावण के चरित्र को विस्तार से बताया कि रावण ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने अपने सर को काट-काट कर दस बार चढ़ाया था, इस कारण उन्हें दशाशीष भी कहा जाता है। रावण को उनके अवगुणों के कारण जाना जाता है । मंडली के टीकाकार ने कहा कि वर्तमान में जिसके अंदर अहंकार, ईर्ष्या, राग द्वेष और पाप भरा है वे सभी रावण है, जो आज भी जिंदा है । अंचल के चार ग्राम छत्तौद, खुडमुडी, जंजगीरा, तुलसी में संयुक्त रूप से चल रहे तीन दिवसीय मानस गान का समापन सोमवार को आठ टोलियो ने अपनी प्रस्तुति दी । इनमे सरस्वती मानस मंडली बारूला (फिगेश्वर), स्वास्तिक मानस महिला मंडली खरथोली (बालोद), तुलसी के पूजा मानस मंडली जेल रोड (धमतरी), डालेश्वरी मानस मंडली बरतोरी (महासमुंद), कौशल्या के राम मानस मंडली इच्छापोटिया (महासमुंद), माधुर्य मानस प्रचार समिति पोटियाडीह (धमतरी), भूमिजा मानस मंडली गुढियारी (रायपुर), चंचल मानस मंडली खैरझिटी (महासमुंद), मानस मंडली टोनाटार शामिल है । समाजसेवी राजेन्द्र साहू ने बताया कि सभी टोलियों ने दर्शकों के बीच एक विशेष छाप छोड़ा | आयोजन के दूसरे दिन दुर्गा साहु पंडवानी निनवा की बालिका जो कम उम्र में ही पंडवानी की तर्ज पर रामायण कथा को पेश किया उनकी ओजपूर्ण बोली, भाषा शैली व बेबाक वक्तव्य से लोग भावविभोर हो जाते थे । तीसरे व अंतिम दिन पोटियाडीह धमतरी की टोली ने हिन्दी आर्क्रेस्ट्रा जैसी साजो आवाज ने दर्शकों को खूब भाया । वहीँ भूमिजा महिला मानस मंडली गुढ़ियारी रायपुर की श्रीमति खिलेश्वरी साहू की प्रस्तुति ने ने दर्शको को नाचने को मजबूर कर दिया । वहीँ इस टोली की महिला टीकाकार ने रावण के चरितार्थो को विस्तार से बताया कि रावण को दशाशीष क्यों कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए अपने सर को काट-काट कर दस बार चढ़ाया था । उन्होने कहा कि वर्तमान में जिसके अंदर अहंकार, ईर्ष्या, राग, द्वेश, पाप भरा है । वे सभी रावण है जो आज भी जिंदा है । अंतिम दिन की अंतिम प्रस्तुति में टोनाटार के मंडली ने सादे साजो साज से तथा सारगर्भित कथा प्रसंग से रात 12 बजे भी दर्शकों को हंसी से लोट पोट कर बांधे रखा। इन मंडलियों ने सभी चारो गांव छत्तौद, खुडमुडी, रजिया एवं तुलसी नेवरा मे अमिट छाप छोड़ा एवं दर्शकों का मन मोह लिया था । आयोजन मे ग्राम छत्तौद से जिनका अहम योगदान रहा उनमें लीलामंडली के संरक्षक केदारनाथ वर्मा, मैनेजर डागेश वर्मा, निर्देशक एवं संयोजक अजय साहू, संचालक सेवादास वैष्णव, ओमप्रकाश वर्मा, राजेन्द्र साहू, कोषाध्यक्ष अश्वनी वर्मा, सलाहकार भुवन वर्मा, गणेशराम साहू, शिव साहू, चंद्रिका साहू, कलीराम साहू, रामकुमार सिन्हा, प्रेम नारायण सिन्हा, रामगुलाल सिन्हा, संतोष ध्रुव, अमित वर्मा, वीडियो, ऑडियो एवं यू ट्यूब रिकार्डिंग में कैमरा मेन रामेश्वर वर्मा, शालु साहू शामिल है । इनके अलावा सभी पंच, सरपंच, जनपद सदस्य एवं समस्त ग्रामवासी छत्तौद का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *