छत्तीसगढ़ में सभी जाति धर्म के लोग बिना किसी भेदभाव एक दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं : मुख्यमंत्री बघेल

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री बघेल मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के महाधिवेशन में शामिल हुए

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सांस्कृतिक परंपरा के साथ-साथ सामाजिक समरसता की विशेषता रखता है और यह विशेषता राज्य की पहचान स्थापित कर हमें औरों से अलग बनाती है। छत्तीसगढ़ में सभी जाति धर्म के लोग एक साथ बिना किसी भेदभाव के निवास कर एक दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बात रविवार को ग्राम बटंग में आयोजित मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के महाधिवेशन में कही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय हमारे पूर्वजों ने जो सपना देखा था, उसे पूरा करने की दिशा में हम लोग कार्य कर रहे हैं। राज्य की मूल पहचान और विशेषताओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है। हमारी सांस्कृतिक विशेषताओं की चर्चा आज देश ही नही विदेशों में भी हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका जैसे देश में भी राज्य की योजनाओं और नीतियों की चर्चा हो रही है। अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी में मेरे वक्तव्य के दौरान राज्य की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के संबंध में जानने वहां के लोग काफी उत्सुक थे। जब उन्हें इस योजना के संबंध में बताया गया तब वे लोग इस योजना की विशेषता जानकर काफी खुश हुए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ी विरासत संस्कृति और परंपरा को फिर से पुनर्जीवित किया गया है। एक साल पहले बाहर के लोग छत्तीसगढ़ के बारे मे एक अलग तरह की धारणा रखते थे। राज्य सरकार के प्रयासों, नीतियों और लोकप्रिय योजनाओं से राज्य में केवल साल भर के भीतर अमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

इस अवसर पर बघेल ने समाज को गौरवान्वित करने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित किया। साथ ही राज्य लोकसेवा आयोग की परीक्षा में चयनित युवाओं को भी सम्मानित किया। सामाजिक कार्यक्रम की इस बेला में सामूहिक विवाह करने वाले 5 जोड़ों को अपना आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने सामाजिक बंधुओं द्वारा रचित पुस्तक का विमोचन भी किया। महाधिवेशन में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के विकास में सामाजिक एकता के साथ-साथ आपसी सामंजस्य और अपनापन होने से समाज तेजी से बढ़ता है। समाज के लोग को इसी तरह मिलजुलकर सामाजिक हित करते हुए इसी तरह से जरूरत मंद लोगों की मदद भी करनी चाहिए। उन्होंने अधिवेशन में शामिल समाज प्रमुखों एवं विभिन्न क्षेत्र के प्रधानों का आभार जताते हुए कहा कि समाज की एकजुटता और अखंडता बनाने में आपकी सार्थक भूमिका रही है आप सदैव समाज को गति और दिशा देने का काम करते रहे हैं। इस अवसर पर अनेक समाज प्रमुख प्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता व जनसमूह उपस्थित थे।

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