किसानों का एक ही मांग मंडी प्रशासन की मद से करे भुगतान

छत्तीसगढ़

राजिम मंडी बंद कर अनिश्चितकालीन धरना जारी

राजिम। कृषि उपज मंडी समिति राजिम में किसानों द्वारा बेचे गए उपज का भुगतान पिछले सात महीने से नहीं होने से नाराज किसानों ने 25 फरवरी 2020 दिन मंगलवार से राजिम मंडी में नीलाम बंद कर मंडी गेट के सामने अनिश्चित कालीन धरना पर है। 25 तारीख की सुबह 6 बजे से ही रात दिन राजिम मंडी बंद कर धरना पर डटे किसानों ने कहा कि मंडी में ही भुगतान प्राप्ति तक खाना दाना लेकर डटे रहेंगे। आज दूसरे दिन शासन प्रशासन ने किसानों का सुध नहीं लिया है।
दूसरे दिन किसान मोर्चा गरियाबंद जिला के अध्यक्ष संजीव चंद्राकर ने धरना स्थल पहुंच कर किसानों के आंदोलन को समर्थन करते हुए कहा कि भुगतान के संबंध में हुए आंदोलनों का मैं गवाह हूँ और अब तक किसान छल का ही शिकार हुए हैं स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि शीघ्र ही मय ब्याज सहित भुगतान करें।
अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष मदन लाल साहू ने कहा कि जानकारी प्राप्त हुआ है कि राईस मिलर द्वारा मार्कफेड का बकाया चावल जमा किया जा चुका है अब जिला खाद्य अधिकारी के ऊपर सवाल खड़ा होता है कि जब राईस मिलर का मिल बंद है उनका अनुज्ञप्ति रद्द किया जा चुका है तो वह चावल कहाँ से जमा किया । जब मंडी प्रशासन और जिला खाद्य अधिकारी से अनुरोध किया गया था कि मंडी निधि या व्यापारी के बैंक गारंटी से भुगतान किया जाये तो अब तक चुप्पी क्यों।


गौरतलब है कि चंद्रेश राईस मिलर को किसानों ने अपने धान को कृषि उपज मंडी समिति राजिम में खुली बोली के माध्यम से बेचा था जिन्हें दिया गया चेक बाउंस हो जाने से 100 किसानों का 50 लाख 45 हजार 334 रुपये का भुगतान नहीं हो पाया था। किसानों ने इस संबंध में धरना प्रदर्शन, पदयात्रा एवं पत्र ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन को अवगत कराते आए हैं। 19 सितंबर2019 को किसानों ने राजिम मंडी बंद कर अपना विरोध दर्ज किया था। ततपश्चात मंडी समिति राजिम कार्यालय में तहसीलदार, नायब तहसीलदार राजिम, चंद्रेश राईस मिल के प्रतिनिधि, किसानों और तत्कालीन मंडी सचिव के समक्ष लिखित समझौता हुआ था कि 35 दिनों में किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा परन्तु मील मालिक द्वारा अब तक केवल 19 लाख 2 हजार 947 रुपये का ही भुगतान किया है जबकि 95 किसानों का इकतीस लाख 42 हजार 387 रुपये का भुगतान अब भी बकाया है । समझौता में यह भी कहा गया था कि भुगतान नहीं होने की दशा में बैंक गारंटी व मंडी निधि से भुगतान किए जाने पहल किया जायेगा। खरीदी बिक्री कृषि उपज मंडी में हुआ है और मंडी प्रशासन अनुबंध पत्र के आधार पर निर्धारित समय सीमा में किसानों को भुगतान करवाने में अक्षम रहा है किसानों की सुध न मंडी प्रशासन गंभीरता से लिया है और न ही जिला एवं प्रदेश में बैठे जिम्मेदारों ने लिया है। किसानों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, कलेक्टर, और प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड रायपुर से मंडी प्रशासन की मद से राशि दिलाने की मांग किया था लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा। इसलिए किसानों ने 25 फरवरी 2020 दिन मंगलवार से कृषि उपज मंडी में व्यापारी खरीदी बंद कर अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया जिसकी सूचना कलेक्टर जिला गरियाबंद, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजिम, तहसीलदार राजिम , कृषि उपज मंडी समिति सचिव राजिम और थाना प्रभारी राजिम को दिया गया है।


धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के उपाध्यक्ष मदन लाल साहू, राज्य सचिव तेजराम विद्रोही के साथ पीड़ित किसान लुमश राम, ठाकुर राम, धनाजी, सोमनाथ साहू, दिनेश कुमार, कोमल राम, समारू राम, बिष्णुराम, बलदाऊ ध्रुव, भारत साहू, बंशीराम, बिसाहू राम,फलेश्वर यादव, तिलकराम, होरीलाल, कृष्ण कुमार, दसवंत,संतु, जहुरराम, बाल्मिकी साहू, गिरधर साहू, चुम्मन लाल, अनुज कुमार, रामबगस साहू , घनश्याम साहू, चुम्मन यादव, तुलसीराम साहू, गोविंद वर्मा, पुरुषोत्तम साहू, भागीरथी साहू, मेहतरु राम, नारायण साहू, रामबगस साहू, दिलीप कुमार,कुबेर साहू, युवराज, लालचन्द साहू आदि उपस्थित थे।

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