महिलाओं को सशक्त बनाने स्व सहायता समूह की महत्वपूर्ण भूमिका

छत्तीसगढ़

By। अविनाश वाधवा


तिल्दा नेवरा | तिल्दा नेवरा के नगर एवम् ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए स्व सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है | केंद्र एवम् राज्य सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने कई योजनायें चला रही है, जिससे कि महिलाओं को मजबूत बनाया जा सकें | इन्ही योजनाओ में से एक है महिला स्व सहायता समूह, जिसमें करीब 8 से 10 महिलाएं होती है | स्व सहायता समूह के माध्यम से संचालित की जा रही स्वरोजगारोन्मुखी योजनाओं से ग्रामीण परिवेश में पली बड़ी महिलाओं में आत्म निर्भरता का बोध हुआ है। महिलाएं आत्म निर्भर होकर पुरुषों के साथ कंघे से कंघा मिला कर कार्य कर रहीं हैं । जो कि वर्तमान समय में महिलाओं की आत्म निर्भरता को उजागर करता है। प्रदेश सरकार स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है। स्व सहायता समूह बनने से महिलाओ में काफी आत्मनिर्भरता तथा जागरूकता नजर आ रही है | स्व सहायता समूहों की महिलाएं स्वयं का रोजगार चलाती है, ये महिलाएं आवश्यक वस्तुओ का निर्माण कर उसे उचित दामो में बेचते है जिससे एक अच्छी-खासी आमदनी मिल जाती है | इससे महिलाएं अपने परिवार को चलाने में खुद सक्षम हो रही है | सरकार के द्वारा समय-समय पर इन समूहों के लिए अनेक सुविधाएं प्रदान किये जाते है, जिनका उपयोग कर अपना विकास कर सके | अब देखा जा रहा है कि गाँव की महिलाएं सशक्त होती जा रही और उनका एवम् उनके परिवार का जीवनव्यापन बेहतर ढंग से हो रहा है |

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