कवि पवन दीवान की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रमों में होगी शामिल

छत्तीसगढ़

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पवन दीवान की जीवनी तथा योगदानों को प्रायमरी से लेकर हायर सेकेण्डरी स्कूल तक के पाठ्यक्रमों में शामिल करने के लिए आवश्यक पहल हो रही है। यह बात उन्होंने छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण समाज द्वारा आयोजित संत पवन दीवान श्रद्धांजलि सभा तथा सम्मान समारोह में कहा । उन्होंने संत पवन दीवान की मंशा के अनुरूप चंदखुरी में माता कौशल्या मंदिर के जीर्णोद्धार सहित विकास और प्रदेश में राम वन गमन पथ का हो रहे विकास के बारे में भी अवगत कराया। समाज के दलित तथा शोषित वर्गों के उद्धार सहित छत्तीसगढ़ के स्वभिमान तथा प्रतिष्ठा और समृद्धि में संत कवि पवन दीवान के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके काव्य संसार में आदिवासी मजदूर और किसान को सर्वाधिक महत्ता प्राप्त है। उनकी कविताओं में छत्तीसगढ़ के गौरव और माटी की वंदना है। इन कविताओं में समता, एकता के लिए प्रगतिशील जनवादी जीवन मूल्यों और सार्थक राजनीति की जरूरत का रेखांकन भी है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार इन महान मनीषियों के बताए राह पर चलकर राज्य के चहुंमुखी विकास को निरन्तर गति दी जा रही है। उन्होंने राज्य में उनके महान योगदानों को चिरस्थायी बनाने के लिए नवा रायपुर के विभिन्न चौक-चौराहों में इनकी मूर्तियां स्थापित कर महान विभूतियों के नाम पर नामकरण किए जाने आवश्यक पहल की भी जानकारी दी। इस मौके पर उन्होने कवि साहित्यकार श्री दानेश्वर शर्मा और श्री रामेश्वर वैष्णव को पवन दीवान सम्मान से सम्मानित किया ।

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