राज्यपाल ने जनजाति समाज को चिरौंजी प्रोसेसिंग मशीन देने की घोषणा

छत्तीसगढ़

जनजातीय हित रक्षा प्रांत प्रमुख कृष्ण कुमार वैष्णव के नेतृत्व में जनजाति समाज राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके से मिलें


रायपुर। कबीरधाम जिला बोड़ला विकासखण्ड छत्तीसगढ़ की सामुदायिक वन प्रबंधन समितियों ने राज्यपाल से भेंट की । वन अधिकार कानून 2006 के अंतर्गत सामुदायिक संसाधनों के अधिकार धारा 3-1 झ के तहत जिला कबीरधाम विकासखंड बोड़ला के 10 ग्राम चहटा ,धोंधा दियाबार ,चोरभट्टी ,नेवराटोला ,मक्केकोंहा,सक्तिपानी, आमानारा, पेंड्री ढोलबज्जा को शासन द्वारा 12315 एकड़ जंगल का वनाधिकार प्राप्त हुआ है। इन ग्रामों में वन संसाधन प्रबंधन समितियों का गठन कर ग्रामसभा के नाम से बैंकों में खाते भी खोले जा चुके हैं, किंतु वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन विभाग की उदासीनता साफ दिखाई दे रही है । फलस्वरूप उक्त 10 ग्रामों को

न तो तकनीकी सहयोग ,न ही कोई वित्तीय सहायता शासन द्वारा दी गई है ।इसके कारण कानून की मंशा के अनुरूप ग्रामों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में किया गया प्रयास निष्फल हो रहा है। उपरोक्त समस्याओं को लेकर 5 मार्च 2020 को संविधान द्वारा घोषित जनजाति समाज के संरक्षक राज्यपाल से भेंट कर जनजातीय हित रक्षा के प्रांत प्रमुख कृष्ण कुमार वैष्णव नेतृत्व में वन अधिकार प्राप्त ग्राम सभा के अध्यक्ष, सचिव एवं सदस्य गणों ने मिलकर समस्याओं से अवगत कराते हुए उचित पहल करने का निवेदन राज्यपाल से किया। ग्राम वासियों से चर्चा के दौरान वर्तमान में इनके द्वारा किए जा रहे ,वन संवर्धन के प्रयासों से प्रभावित होकर चार बीज , गुठली से चिरौंजी निकालने हेतु प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराने की घोषणा राज्यपाल द्वारा की गई तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के जनजाति हित में सहयोग देने की बात कही। राज्यपाल से भेंट करने के दौरान अमर सिंह मरकाम, राम सिंह धुर्वे, अघनुराम, पवन सिंह धुर्वे, बिरजू सिंह,सुखसिंह, सतनु राम बैगा, पुसाउ राम, देवलाल एवं धन सिंह सरपंच ग्राम पंचायत खरिया के साथ लक्ष्मी मरकाम,कतनींन बाई,द्रोपती बाई,सुकवारो बाई,बिसरो बाई,लमिया बाई हेमा मरकाम आदि उपस्थित रहें।

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