किसान जो संकट में है सरकार को उन पर ध्यान देने की जरूरत : राजू शर्मा

छत्तीसगढ़ राजनिति

By।अविनाश वाधवा

तिल्दा नेवरा।, किसान नेता व जिला पंचायत सभापति राजू शर्मा ने कहा कि किसान जो संकट में है उनका सरकार को उन पर ध्यान देने की जरूरत है ।राज्य के अनाज और सब्जी उत्पादक किसान इस साल जितने संकट का सामना कर रहे हैं पहले कभी नहीं किया है नवंबर से लेकर मार्च तक ऐसा एक भी महीना नहीं है। जब बेमौसम बारिश का प्रकोप किसानों ने नहीं झेला हो, असामयिक वर्षा, आंधी तूफान और ओवावृष्टि ने न केवल फसलों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है बल्कि किसानों के सपनों पर भी तुषारापात किया है, जैसा कि इस वर्ष 06 अप्रेल तक लगातार वर्षा से किसान परेशान है, और इसका असर उनके फसलों पर हुआ है।
इस साल मौसम ने किसानों का साथ नही दिया है, अब वे प्रदेश के मुखिया भुपेश बघेल के ऊपर आस लगाए हैं, कि सरकार कम से कम हम किसानो के ऊपर कुछ रियासत दे, मौसम की मार से अधिकांश रबी फसलों को भारी क्षति हुई है। किसानों की मांग पर शासन प्रशासन ने आरबीसी 6-4 के अंतर्गत प्रभावित किसानों को राहत राशि देने का आश्वासन दिया प्रभावित फसलों का सर्वे भी किया गयाऔर किसानों को चिंहित भी किया गया किंतु राहत की राशि आज तक किसानों को नहीं मिली है, सब्जी उत्पादक प्रभावित किसानों के लिये विशेष पैकेज की घोषणा करके उनकी व्यथा दूर करे सरकार ।
सब्जी उत्पादक किसान दोहरे संकट का सामना कर रहे हैं एक तरफ मौसम ने उद्यानिकी फसलों को क्षति पहुंचाई। इससे पहले कि उद्यानिकी फसल लेने वाले किसान संकट से उबर पाते कोरोना वायरस और इसका संक्रमण रोकने के लिये लागू किये गये। लाकडाऊन ने किसानों की कमर ही तोड़कर रख दिया सब्जी की फसल तैयार है ।तब तोड़ाई करने के लिये मजदूर नहीं मिल रहे कैसे भी मजदूर की व्यवस्था कर भी ले तब बिक्री के लिये मंडी तक पहुंचाने के लिये परिवहन की समस्या और यदि इसकी व्यवस्था हो भी जाये। तब थोक की अधिकांश मंडियां बंद, एक दो मंडी खुली भी है तब खरीदने वाले कम और माल अधिक होने के कारण कीमतें एकदम कम केला का दाम गिरकर 3 रू. प्रति किलो तक आ गया है ।लाभ तो दूर किसानों की लागत वसूल नहीं हो पा रही है,राज्यों और जिलों की सीमाबंदी के कारण स्थानीय स्तर पर सब्जियों की बिक्री करना किसानों की मजबूरी है। इसके बावजूद सरकारों सब्जी उत्पादक किसानों की सुध नहीं ले रही है ।जबकि राष्ट्रीय महामारी के कारण प्रभावित उद्योगों और व्यापार को हरसंभव आर्थिक सहायता उप्लब्ध करा रही है।
साथ ही राजू शर्मा ने किसानों को धान खरीदी की बचत राशि शीघ्र प्रदान करने की मांग ने राज्य सरकार से किया है । किसानों द्वारा बेचे गये धान की 2500 रु. में से 685 प्रति किवन्टल की बचत राशि शीघ्र प्रदान करने की मांग राज्य सरकार से किया है। कोरोना वायरस संकट के चलते किसानों की भी दशा बेहद खराब हो गई ईलाज, दवा ,रोजमर्रा की चीजे खरीदने के लिए राशि जुटाने उनके पास दूसरे विकल्प इस दौरान नही है। पिछले महीने बेमौसम बारिश की वजह से सब्जी, धान ,गेहूं आदि फसलों में भारी नुकसान हुआ है ।अतः राज्य सरकार अपने वादे के मुताबिक किसानों की बचत राशि 685 रुपये शीघ्र प्रदान करे ,ताकि किसानों की हालात सुधर सके। राज्य सरकार ने भरोसा दिया था। कि सरकार को धान बेचने वाले किसानों को अप्रेल माह में अंतर की राशि का भुगतान कर दिया जायेगा। इसके लिये नये वित्त वर्ष के बजट में प्रावधान भी किया गया है लेकिन राशि का भुगतान किसानों को अब तक नहीं किया गया है जिसके कारण किसानों में संशय की स्थिति बन रही है।,
अभी वर्तमान में किसान उन्हारी फसल गेहूँ, चना की कटाई कर रहे है, और जैसा कि लॉकडाउन की स्थिति के कारण अपने फसल को बेच नही पा रहे है क्योंकि मंडी और व्यापारिक प्रतिष्ठान लगातार बंद है, लेकिन कटाई के एवज में इसकी मजदूरी और कटाई मशीन का पैसा उन्हें तुरंत है देना पड़ रहा है, अतः जैसे कि सरकार ने किसानों से धान को खरीदा था वैसे ही रबी फसल को भी खरीदने की व्यवस्था करें, इससे किसानों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।

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