आंगनबाड़ी अब पहुंची घर आंगन में

छत्तीसगढ़


रायपुर।कोराना वायरस संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए प्रदेश की आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद रखा गया है। आंगनबाडी बंद होने पर भी हितग्राहियों को घर पर ही पोषण और शिक्षा की सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा हितग्राहियों के घर-घर जाकर रेडी टू ईट फूड का पैकेट उपलब्ध कराया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चे, गर्भवती एवं शिशुवती मातायें और किशोरी बालिकायें घर में पोषण आहार पाकर बेहद खुश नजर आ रहे हैं।
पोषण के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में अध्ययनरत बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा, बाल्यावस्था देखरेख, खेलखेल में रंगो का ज्ञान, बालगीत, कविता, कहानी और शाला पूर्व शिक्षा घर-घर जाकर वीडियो के माध्यम से दी जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा नोवल कोराना वायरस से बचाव के लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, इसके तहत ग्रामीणों को साबुन से बार-बार हाथ धोने, सेनेटाइजर तथा मास्क के उपयोग करने के तरीकों के बारे में बताया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा उत्तर बस्तर कांकेर जिले के 02 हजार 108 आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 67 हजार 746 हितग्राहियों को घर-घर पहुंचाकर रेडी-टू-ईट फूड का वितरण किया जा रहा है, जिससे 6 माह से 3 वर्ष के 27 हजार 542 बच्चे एवं 3 से 6 वर्ष तक के 27 हजार 687 बच्चों को इस योजना का फायदा मिल रहा है। इसी प्रकार 6 हजार 198 गर्भवती माताओं तथा 6 हजार 21 शिशुवती माताओं और 298 किशोरी बालिकाओं को रेडी-टू-ईट फूड का पैकेट वितरण किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के बंद रहने की स्थिति में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सामान्य, मध्यम कुपोषित एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म भोजन के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप मे रेडी-टू-ईट फूड का सूखा पोषण आहार 125 ग्राम प्रतिदिन के मान से एक सप्ताह के लिए 750 ग्राम तथा गर्भवती माताओं को सप्ताह में 900 ग्राम और शिशुवती माताओं एवं किशोरी बालिकाओं को 990 ग्राम का एक माह के लिए चार-चार पैकेट टेक-होम-राशन के रूप में पात्रता अनुसार वितरण किया जा रहा है।

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