चकमक अभियान’ और ’सजग परवरिश

छत्तीसगढ़

   

रायपुर। यूनिसेफ की भारत की प्रमुख सुश्री यास्मिन अली हक ने छत्तीसगढ़ प्रदेश में कोविड-19 से बचाव और रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के विकास के लिए किए जा रहे कार्यो की सराहना की है। सुश्री हक ने छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी के बच्चों के समग्र विकास के लिए महिला बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से तैयार किए गए ‘चकमक अभियान‘ और ‘सजग कार्यक्रम‘ के शुभारंभ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के कार्यो की सराहना की। वे नई दिल्ली में अपने घर से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुई।
     सुश्री हक ने ’चकमक अभियान’ और ’सजग परवरिश कार्यक्रम’ की सराहना करते हुए कहा कि इन दोनों कार्यक्रमों से समाज को बच्चों के साथ घरों में ही व्यस्त रखने और बच्चों को रचनात्मक गतिविधियां सिखाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही साथ ’सजग परवरिश कार्यक्रम’ से घरों पर ही बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास की प्रक्रिया को पारिवारिक सदस्यों की देख-रेख में बढ़ावा मिलेगा। आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ का यह नवाचार माॅडल पूरे देश के लिए उदाहरण होगा।
    सुश्री हक ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से कोविड-19 के प्रसार को रोकने में सफलता हासिल हुई है। प्रदेश के 81 प्रतिशत जिले ग्रीन जोन में हैं। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 24 लाख हितग्राहियों को घर-घर जाकर पोषण आहार वितरण, बच्चों के लिए रेडी-टू-ईट सामग्री और मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में सूखा राशन के वितरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिलाओं एवं बच्चों को पोषण की पूर्ति में सहायता मिली है। सुश्री हक ने गरीब परिवारों को लाॅकडाउन के दौरान 3 माह का निःशुल्क राशन का वितरण, मनरेगा के माध्यम से 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिलाने, आश्रय शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों के रहने खाने की व्यवस्था जैसे राज्य सरकार के कार्याें की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ छत्तीसगढ़ सरकार के एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में साथ मिलकर काम करेगी।

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