किसान परंपरागत खेती के स्थान पर वैज्ञानिक खेती पर ज्यादा ध्यान दे : राजू शर्मा

छत्तीसगढ़ राजनिति

By।अविनाश वाधवा

राजू शर्मा ने कृषि उप संचालक से दुरभाष पर कृषि विभाग की तैयारी के बारे में की बात

दलहन व तिलहन फसल को चार गुना तक बढ़ाने का रखा लक्ष्य

तिल्दा नेवरा।किसान नेता व जिला पंचायत सभापति राजू शर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन से किसान आने वाले खरीफ फसलों की तैयारियों को आरंभ कर देते है । उन्होंने जिले के कृषि उप संचालक आर एल खरे से दुरभाष पर कृषि विभाग की तैयारी के बारे में बात की श्री खरे ने बताया कि बीज और रासायनिक उर्वरक खाद की पर्याप्त व्यवस्था जिले में कर ली गई है जिले के सभी चार विकास खण्ड तिल्दा, धरसींवा, आरंग, अभनपुर के गोदामों में पर्याप्त मात्रा में प्रमाणित बीज की व्यवस्था कर ली गई है। इस वर्ष 1 लाख 62 हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल लिया जाना प्रस्तावित है, उन्हाने बताया कि जिले के गोदाम में 15520 क्विंटल बीज का भंडारण हो चुका है, और 257 क्विंटल बीज का वितरण हो चुका है, इसी प्रकार 43,604 मीट्रिक टन भंडारण उर्वरक में से 468 मीट्रिक टन का वितरण भी कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि दलहन व तिलहन फसल को चार गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, इससे धान की फसल में 2 फीसदी की कमी की गई है, साथ ही राजू शर्मा ने ब्लॉक के सभी कृषि अधिकारियों सर चर्चा कर खाद एवं बीज के भंडारण की जानकारी ली, और खेती की तैयारियों का जायजा लिया, छत्तीसगढ़ सरकार कॅरोना के चलते खेती को प्रतिबंध से मुक्त राखह, और सरकार भी पूरी तरह से किसानों के लिये तैयार है। उन्होंने कहा कि अंचल में धान के साथ साथ अधिक लाभ वाले फसल जैसे, मक्का, दलहन और तिलहन फसलो का भी उत्पादन किया जा सकता है। सुगंधित चाँवल दुबराज,जवाफूल, व एच एम टी का फसल लेना किसान भाइयों के लिए लाभदायक होगा, अब किसान परंपरागत खेती के स्थान पर वैज्ञानिक खेती पर ज्यादा ध्यान देवे, और जैविक खाद का भी उपयोग करे, उन्होंने सभी किसान भाइयों को अक्ती, अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दी है।

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