लॉकडाऊन : कोरोना संकट में भी गंभीर मरीजों की जान बचा रहें “रक्तवीर”

छत्तीसगढ़

० लॉकडाऊन के 50 दिनों में किया 672 लोगों ने रक्तदान

० कोरोना को लेकर कर रहे ” फोन से जागरूक”

महासमुंद / सराईपाली • लॉकडाउन और घरों में कैद रहने की बंदिशें शुरू होने के बाद कोरोना से लड़ना जहां आम आदमी के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। वहीं रक्तदान सेवा समिति, छत्तीसगढ़ ने ऐसी प्रेरणात्मक मिसाल पेश की, जिसने पूरे प्रदेश में इतिहास रचते हुए जिले व क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। रक्तदान सेवा समिति के जज्बे और इस अजीब दौर में देश में स्थापित किए इस खास कीर्तिमान आमजन का गौरवान्वित होना लाजिमी है। दरअसल, क्षेत्र में ऐसे गंभीर मरीज जिन्हें रेगुलर खून की जरूरत रहती है, लॉकडाउन की वजह से ज़िलों में ब्लड डोनेशन कैंपों की संख्या कम होने से उनकी जान आफत में आ गई थी। लेकिन रक्तदान सेवा समिति के आह्वान पर तमाम बंदिशों और संक्रमण के खतरे के बावजूद “रक्तवीर” ऐसे मरीजों की जान बचाने जज्बे के साथ अपने घरों से निकले और रक्तदान कर देश में इतिहास रच दिया।
समिति के संस्थापक मुस्तफीज़ आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्तदान सेवा समिति को फेसबुक ग्रुप, व्हाट्सएप्प तथा फोन कॉल्स से प्रतिदिन रक्त की आवश्यकता संबंधित मैसेज और फोन प्राप्त होते हैं, जिसको लेकर समिति के संचालक मंडल के द्वारा आवश्यक जानकारी लेकर जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्तदाता उपलब्ध करवाने का कार्य निर्बाध रूप से किया जा रहा है, जिसमें सभी वर्गों का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है ! रक्तदान सेवा समिति के वरिष्ठ सदस्य पदमन पटेल ने बताया कि लॉक डाऊन में हमने कुल 672 लोगों को रक्त दाता उपलब्ध करवाया है. रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, बरगढ़, सराईपाली, बसना, सारंगढ़, बिलाईगढ़ सहित छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों / शहरों में निःशुल्क रक्तदाता उपलब्ध करवाया गया है ! समिति के घनश्याम श्रीवास, देवराज लोहा, लोकेश सिंह, अनीश सुरजाल, रीतेश साहू, पंकज मेश्राम, उमेश सामल आदि वरिष्ठ सदस्यों ने जानकारी दी की रक्तदान सेवा समिति, छत्तीसगढ़ का गठन पिछले 7 वर्ष पूर्व किया गया था, व्हाट्सएप्प और सोशल मिडिया के सहारे युवा साथियों की मदद से छत्तीसगढ़ का पहला ऑनलाइन ब्लड कॉल सेंटर प्रारंभ किया है जो आज भी प्रतिदिन 20-30 लोगों को रक्तदान संबंध मदद निःशुल्क रूप से कर रहे हैं !
सदस्यों ने बताया कि जब से कोरोना महामारी संकट आया है तबसे रत्तदाताओं की कमी की समस्या हो गई है लेकिन मरीजों को रक्त की आवश्यकता लगातार बनी हुई है लेकिन जैसे ही रक्तदान समिति के संचालक पीडित मरीज या जरूरतमंदों के लिये रक्त की आवश्यकता संबंधित मैसेज सोशल मिडिया में वायरल करते हैं कोई न कोई रक्तदान करने को तैयार हो जाते हैं, रक्तदान के लिये जरूरतमंदों की डिटेल जिसमें नाम, पता, उम्र, ब्लड ग्रुप, समस्या तथा एडमिट कहां हैं, ये जानकारी सोशल मिडिया में साझा की जाती है जिससे जरूरतमंदों और रक्तदाताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित होता है. साथ ही समिति के सदस्य वर्तमान में रक्तदान के साथ साथ सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोविड 19 से संबंधित जागरूकता अभियान की जानकारी भी दे रहे हैं. रक्तदान सेवा समिति के उत्तम कठार, धर्मेंद्र तांडी, अजय टंडन, घसिया पटेल, बंशी सिदार, गुमान सिंह, प्रवीण प्रधान, शैलेन्द्र राज, मुकेश श्रीवास, रिंकू विशाल, ओंकार साहू आदि समाज सेवा के इस पुनित कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *