आरटीई भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी, डीईओ के ऊपर पालकों का गुस्सा फुटा

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० छग पैरेंट्स एसोसिएशन ने किया दोषी नोडल अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग
राजनांदगांव। शिक्षा का अधिकार भर्ती को लेकर जिले में विगत दो वर्षो से लगातार हो रही है। गड़बड़ी जिसको लेकर शिकायतें भी हो रही है, लेकिन किसी दोषी व्यक्ति पर कार्यवाही नहीं होने से नाराज पालकों का गुस्सा बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी पर फुट पड़ा। पालकों का आरोप है कि विभाग दोषी नोडल अधिकारियों को विगत दो वर्षो से बचा रहा है और नोडल अधिकारियों के द्वारा जान-बुझकर गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशसन का आरोप है कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी राजनांदगांव के कई नोडल अधिकारियों ने गरीब बच्चों के जीवन व भविष्य के साथ खिलवाड़ कर दिया है, क्योंकि उनके द्वारा ऑनलाइन आवेदनों का परीक्षण नहीं किया गया यह खेल बीते दो वर्षो से चल रहा है। डीईओ राजनांदगांव के द्वारा उन नोडल अधिकारियों को खानपूर्ति करने के लिए नोटिस जारी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जा रहा है, जबकि ऐसे दोषी नोडल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर उन्हें उनके जिम्मेदारी से पृथक कर दिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है, जिसके लिए डीईओ भी समग्र रूप से जिम्मेदार है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशसन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर के द्वारा 4 जून 2020 को डीईओ राजनांदगांव को आरटीई सीटों की जांच कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संबंध में पत्र जारी किया गया और संयुक्त संचालक, दुर्ग संभाग के द्वारा भी आरटीई सीटों की जांच करने दिनांक 27 जून को पत्र जारी कर जांच रिपोर्ट 15 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया है, लेकिन शिक्षा विभाग के द्वारा दो मामले में जांच अब तक नहीं किया गया।

एसोसियेशन ने मांग की है कि आरटीई सीटों के संबंध में डीपीआई और संयुक्त संचालक, दुर्ग संभाग से प्राप्त पत्रों के आधार पर तत्काल जांच कर सभी दोषी नोडल अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्यवाही किया जाए और यदि ऐसा नहीं किया गया तो फिर एसोसियेशन द्वारा डीईओ पर कार्यवाही की मांग उच्च अधिकारियों से करेगा।

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