महिला समूह द्वारा बनाई गई राखियां लोगों को लुभा रही

छत्तीसगढ़

By. शिवचरण सिन्हा

बाजार में स्व सहायता समूह बनाई गई राखियों की मांग बढ़ी..

दुर्गुकोंडल. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं ग्राम पंचायत दुर्गुकोंडल कोडे हाटकोदल पेरावारी लोहतर कोडेकुसी की महिलाओं द्वारा राखियां तैयार की जा रही है. बिहान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के महिला स्व सहायता समूह की 726 नाग राखियां बनाकर जिसमें पूरी राखी बेचकर ₹14000 की आमदनी प्राप्त की जा चुकी है महिला स्व सहायता समूह के द्वारा निर्मित राखियों की न्यूनतम मूल्य ₹10 से लेकर अधिकतम ₹70 तक की राखी तैयार कर बेची जा रही है.. वर्तमान में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए चीन व बाहर से राज्यों की आवक नहीं होने से स्थानीय बाजार में स्व सहायता समूह के द्वारा बनाई गई राखियों की मांग बढ़ती जा रही है. महिला स्व सहायता समूह के द्वारा बनाए गए राखी आकर्षक सुंदर व कम दर पर उपलब्ध होने से लोगों को लुभा रही है. जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के एल फाफा एवं विकासखंड परियोजना प्रबंधक नंदनी दीवान यंग प्रोफेशनल भारती साहू के द्वारा महिला स्व सहायता समूह के राखियों का अवलोकन कर उनका उत्साह वर्धन स्व सहायता समूह की महिलाओं को किया जा रहा है दुर्गुकोंडल के मां दुर्गा समूह. स्व सहायता समूह के सदस्यों के द्वारा राखी तैयार कर उचित मूल्य कि दर से बेचा जा रहा है. समूह की महिलाओं के अध्यक्ष सदस्यों से बातचीत करने पर बताया कि उनके द्वारा निर्मित राखी को अपने गांव में तथा ग्राम संगठन में बेची जा रही है इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं बीपीएम दुर्गुकोंडल के द्वारा महिला समूह द्वारा तैयार की गई ब्लॉक के स्थानीय बाजारों एवं मुख्यालय में बेचने की बात कही गई और स्व सहायता समूह को मार्गदर्शन देकर उन्हें विभिन्न प्रकार के गतिविधियों से जोड़ने की बात कही गई जिसमें महिला स्व सहायता समूह का आर्थिक स्थिति समृद्ध हो और अपने आय में बढ़ोतरी कर सकें. जिसमें महिलाएं ज्यादा से ज्यादा जुड़ सकें विकासखंड दुर्गुकोंडल जनपद पंचायत के अंतर्गत 44 ग्राम पंचायतों में कुल विकासखंड में 1003 महिला स्व सहायता समूह तैयार की गई है जो कि विभिन्न गतिविधियों से जुड़े हुए हैं जिसमें राशन दुकान होटल ग्राहक सेवा केंद्र मशरूम उत्पादन धान कुटाई एवं अन्य गतिविधियों में कार्य कर रही है जिसमें अपने अपने आय अर्जित कर अपने आय में बढ़ोतरी कर उन्नति की ओर बढ़ रही हैं जिसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ महिलाओं का विकास हो सके जिसमें परिवार एवं समाज में भागीदारी महिलाओं का एक अच्छा हो वहीं शासन प्रशासन के द्वारा सरकार के विभिन्न योजनाओं का संचालन समूह के द्वारा की जाती है इसमें ब्लॉक के प्रमुख मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विकासखंड परियोजना प्रबंधक का मार्गदर्शन समूह के सदस्यों को मिलता रहता है.

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