ऑनलाइन गेम से हो रहा अवैध कारोबार

क्राइम छत्तीसगढ़


By अविनाश वाधवा


रायपुर। वैश्विक महामारी कोरोना संकट और लॉकडाउन के दौरान टाइम पास करने के झांसे से तिल्दा नगर के कई मोबाइल ग्रुप्स में शुरू हुए ऑनलाइन गेम जैसे तीन-पत्ती अब जुएं और सट्टे में तब्दील हो गए हैं। इसी का फायदा उठाते हुए बड़े जुआरी और सटोरियों ने प्लेटफार्म बदलते हुए इन ऑनलाइन गेम्स से खुद को जोड़ लिये है। जुआरी-सटोरिए ऐसे लोगों के नंबरों से अपना काम कर रहे हैं और लोगों को पता ही नहीं चल रहा है। नगर में शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक इन ऑनलाइन गेम्स में रोजाना करोड़ों का वारा-न्यारा हो रहा है| नंबर और मेल आईडी इन ऑनलाइन गेम्स से घंटों कनेक्ट रहते हैं। ऑनलाइन गेम को भी लोगों ने जुआ-सट्‌टा से जोड़ दिया है। बच्चों का यह खेल अब लोगों के अवैध कारोबार का जरिया बन गए हैं। गेम में लोग जुआ-सट्‌टा खेल रहे हैं और बड़े बुकी ऑनलाइन टेबल तक चला रहे हैं। इनमें शहर के सैकड़ों लोगों को जोड़ लिया गया है जिनमें ज्यादातर युवा हैं। उन्हें भनक भी नहीं लग रही है फिर भी क्राइम में शामिल होते जा रहे हैं। ऐसे ऑनलाइन टेबल में 1 लाख से 1 करोड़ रुपए तक के दांव की सूचना हमारे विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त हुई है।
ऐसे चल रहा ऑनलाइन गेम- तिल्दा नगर में तीन-पत्ती कुछ ग्रुप के लोगों ने लगभग तीन माह पहले डाउनलोड किया था। इसके बाद उन्हीं की तरफ से अपने जान-पहचान को ऑनलाइन रिक्वेस्ट भेजी गई और लोग जुड़ते चले गए। शुरुआती कुछ दिन तक तो यह लॉकडाउन के दौर में मनोरंजन की तरह चला लेकिन धीरे-धीरे अधिकांश ग्रुप ने खुद को तीन-पत्ती के जरिए जुएं में ट्रांसफार्म कर लिया। सटोरियों ने तो अपने ग्रुप के नाम भी रख लिए हैं। यही नहीं कुछ और गेम्स को भी सटोरियों ने अपनी जद में ले लिया है। इनमें रेसिंग वाले गेम्स, शूटिंग से लेकर निशानेबाजी और युद्ध वाले गेम्स के जरिए दांव लगाया जा रहा हैं। इस तरह साइबर क्राइम का एक ऐसा जाल बुन लिया गया है जिसमें नाबालिग भी फंसते जा रहे हैं। अगर जल्द ही ऑनलाइन तीन-पत्ती जुएं के इस काले कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आगे चलकर इसके बहुत ही बड़े दुष्परिणाम को भुगतना पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *