मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का असर दिखने लगा …

छत्तीसगढ़

By. शिवचरण सिन्हा

: दुर्गुकोंडल. राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ बस्तर संभाग में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का असर दिखने लगा है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस साल जनवरी-फरवरी में इसके पहले चरण के दौरान मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान प्रारंभ 14 फरवरी से प्रारंभ किया गया था वहीं द्वितीय चरण का अभियान 15 जून 2020 से विकासखंड दुर्गुकोंडल के अंतर्गत खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनोज किशोरे एवं बीपीएम देव कुमार शाश्वत ने बताया कि एक समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गुकोंडल के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 25 उप स्वास्थ्य केंद्र विकासखंड दुर्गुकोंडल के 44 ग्राम पंचायतों के 141 ग्रामों में 67456 लोगों का जांच किया गया वही विकासखंड के 11210 घरों में पहुंच कर एवं खेत खलियान में जांच किया गया जिसमें मलेरिया के 231 पॉजिटिव प्राप्त हुए जिसका संपूर्ण जांच कर दवाई दिया गया तत्काल इलाज किया गया. मलेरिया मुक्त अभियान में मलेरिया पीड़ित पॉजिटिव की संख्या में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है. दूसरे चरण के आज 31 जुलाई 2020 तक अभियान में मलेरिया के कोई लक्षण नहीं देखने को मिल रहे. रक्षा रहित मलेरिया समय पर पहचान में नहीं आने के कारण अधिक बड़ी समस्या बन सकता है. यह अनामिका और कुपोषण का भी कारण बनता है इसीलिए समय पर स्क्रीन कर इसकी पहचान किया जाना अनामिका और कुपोषण की भी लाभकारी सिद्ध होगा मलेरिया मुक्त अभियान के अंतर्गत कुल सर्वे किए गए स्कूल आश्रम विद्यालय पारा टोला अर्धसैनिक बलों का 12560 लोगों का किया गया है.मलेरिया के लक्षण पाए रोगियों की संख्या 154 मलेरिया के लक्षण रोहित के रोगियों की संख्या 79 हायर सेंटर रेफर किए गए 4 विकासखंड के घरों में कीटनाशक का छिड़काव 24122 मच्छरदानी का उपयोग 14070 मच्छर के लक्षण 154 गर्भवती महिलाओं की जांच 308 वही मलेरिया की जांच व उपचार के लिए साथ सर्वे दल द्वारा लोगों को इससे बचाव और मच्छरदानी लगाकर सोने के लिए जागरूक किया जा रहा है. इस पर भी सकारात्मक असर क्षेत्र में देखा गया है. अभी दूसरे चरण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभाग द्वारा दिए गए मेडिकेटेड मच्छरदानी प्रत्येक लोगों को दिया गया है नियमित उपयोग करते हुए पाया गया सर्वे दल द्वारा स्थानीय लोगों के साथ मिलकर घर-घर में मच्छरदानी का उपयोग करने बताया गया. वर्तमान में कोविड 19 के प्रकोप के बीच छत्तीसगढ़ में मलेरिया मुक्त करने कि भारत सरकार ने सहराना की है इस अभियान का विभाग के द्वारा लगे हुए हैं विकासखंड दुर्गुकोंडल में यह अभियान 31 जुलाई 2020 तक किया गया इसमें स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारी आर एच ओ एनएम मितानिन एवं मलेरिया सुपर वाइजर टेक्नोलॉजी सावित्री मरकाम मलेरिया इंस्पेक्टर हेमंत पटेल के द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है और इस अभियान में भीड़ कर कार्य कर रहे हैं जिसे शत-प्रतिशत सफलता मिली है।

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