धनकुल पर्व में फसलों सहित लोगों की मंगल कामना के लिए  7 दिनों तक पुजा अर्चना

धनकुल पर्व हल्बा समाज की संस्कृति का प्रमुख हिस्सा

By. शिवचरण सिन्हा

कांकेर. दुर्गुकोंदल – ग्राम बांगाचार के शीतला मंदिर प्रांगण में धनकुल पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया. अगस्त महीने एवं वर्षा ऋतु में प्रकृति तथा खेत खलिहान में हरे भरे फसलों से अनाज उत्पत्ति हेतु मंगल कामना की जाती है और इस धनकुल पर्व को हल्बा समाज की संस्कृति का प्रमुख हिस्सा माना जाता है क्योंकि इस धनकुल पर्व में फसलों सहित लोगों की मंगल कामना के लिए इष्ट देव सहित ग्राम समाज की कुलदेवी देवताओ को आमंत्रित कर पारंपरिक वाद्य यंत्र हन्डी सुपा धनुष (सिरकाडी़)से 7 दिनों तक उनकी आराधना धनकुल गीत एवं अन्य गीतों के साथ पुजा अर्चना की जाती है।11अगस्त से यह पर्व चलकर पोला पर्व के दिन समापन की गई।इस धनकुल पर्व में समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री ललित नरेटी प्रदेश सचिव आदिवासी समाज युवा प्रकोष्ठ रहे। समापन समारोह में उन्होंने धनकुल पर्व के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह पर्व हल्बा समाज में मनाई जाने वाली पुरानी संस्कृति है फसल प्रकृति समाज एवं लोगों की सुख शांति के लिए मंगल कामना की जाती है।उन्होने आगे कहा की हम आधुनिक संस्कृति की ओर चल रहे हैं।जबकि हमारा संस्कृति से जुड़ी हुई धनकुल पर्व जैसे महत्वपूर्ण पर्वो को पीछे छोड़ते आ रहे हैं।हमारा समाज से जुड़ी हुई संस्कृति को आगे लाने एवं विरासत करने की जरूरत है हमारा संस्कृति प्रकृति से जुड़ी हुई संस्कृति है।क्योंकि धनकुल पर्व सभी समाज के सुख शांति के लिए ग्राम समाज के कुल देवी देवता ईस्ट देवकी धनकुल गीत के माध्यम से की जाती है इस धनकुल पर्व में नदी पेड़ पौधे खेत में लगी हुई हरी-भरी फसल सहित इष्ट देव को प्रसन्न करने के लिए पारंपरिक वाद्य यंत्र सुपा हड्डी धनुष सिरकाडी़ के माध्यम से हल्बा समाज के महिलाओं द्वारा गीत गाई जाती है समापन समारोह में पहुंचे ज्वाहर भारत के ब्यूरो चीफ कुमार तोप्पा ने भी लोगों के बीच अपना वाचन रखा। इस धनकुल पर्व के संबंध में ग्राम गायता राजकुमार बघेल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि समाज के कुल देवी देवता एवं इष्ट देव की धनकुल गीत के माध्यम से आराधना करते हुए पूजा स्थल पर आमंत्रित की जाती है और समाज एवं ग्राम की गायता पुजारी सेवादारों एवं गांव के लोगों के द्वारा पूजा पाठ की जाती है ग्राम गायता सुखदेव बघेल शिवप्रसाद बघेल गुलाब बघेल सरपंच बांगाचार ने भी लोगों के मध्य धनकुल पर्व के संबंध में अपना विचार प्रस्तुत किए. उन्होंने बताया कि सप्ताह भर से चलने वाला यहां पर्व पोला पर्व के दिन समापन की जाती है और हल्बा समाज के महिलाओं द्वारा 7 दिनों तक उपवास करके इष्ट देव सहित समाज के कुल देवी देवताओं का धनकुल गीत के माध्यम से लोगों की सुख शांति एवं मंगल कामना के लिए आराधना की जाती है और पोला पर्व के दिन सभी देवी देवताओं को पूजा अर्चना करके अपने अपने स्थल पर भेज दी जाती है तत्पश्चात उनकी पूजा सामग्री एवं वर्त तोड़कर समाज के सभी लोगों द्वारा नाच गान के साथ विसर्जन की जाती है। इसी आशा और विश्वास के साथ समाज की धनकुल पर्व मनाई जाती है इस पर्व को सफल आयोजित करने में धीराजी राम बघेल धरमसिंह बघेल राजेंद्र प्रसाद सुकलाल बघेल अखिलेश बघेल हरेंद्र नाग प्रदीप बघेल नीलाप बघेल मेहतर बघेल जैतलाल नरेटी जयलाल बघेल नंदकुमार बघेल सहित समाज के लोगों का सहयोग रहा.

NEWS27_REPORTER

http://news27.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *