कोरोना काल में  घर पर विराजे गणपति

By. शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंडल. अंचल में भगवान श्री गणेश स्थापना इस वर्ष 22 अगस्त दिन शनिवार के दिन की गई. भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी भी कहते हैं. इस वर्ष गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को हो चुकी है. पौराणिक कथाओं के अनुसार विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन हुआ था. इसलिए इस दिन से लेकर आगामी 10 दिनों तक उनका जन्म उत्सव मनाया जाता है. गणेश जन्मोत्सव के दौरान गणपति देवता की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 21 अगस्त दिन शुक्रवार की रात 11:02 से हो चुका है और 22 अगस्त दिन शनिवार को शाम 7:57 तक था श्री गणेश चतुर्थी की पूजा हमेशा दोपहर के मुहूर्त में ही की जाती है क्योंकि गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था. इस बार 22 अगस्त के दिन से गणपति की पूजा की दोपहर में 2 घंटे 36 मिनट का समय रात दिन में 11:06 से दोपहर 1:42 के मध्य की विशेष पूजा की गई. इस बार कोरोना वायरस काल में सार्वजनिक स्थानों पर गणपति स्थापना के नियम के चलते चौक चौराहों पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती घर पर ही गणपति की स्थापना की है.

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