तिल्दा में  भूख से 10 गायों की मौत,  6  गंभीर रूप से घायल

By. अविनाश वाधवा

रायपुर. तिल्दा. विकासखंड के चांपा और छतौद गौठान में गायों के मौत का मामला सामने आया है. तिल्दा विकासखंड के ग्राम चांपा में मवेशियों के लिए चारा नहीं होने पर भूख से 10 गायों की मौत हो गई|. वही 6 गाय गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी मिली.. गायों की मौत की खबर के बाद भी मौके पर न पशु चिकित्सकों का दल पहुंचा है और ना ही जनपद पंचायत का कोई अधिकारी पहुंचा है|.गायों की मौत कब हुई है यह भी कोई नहीं बता पा रहा है.. तिल्दा से 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत चांपा के गौठान में लगभग 90 गाय रखी गई थी। ग्रामीणों की मानें तो सभी गाय पिछले 1 सप्ताह से भी अधिक समय से भूखी रह रही थी । यहां न गायों के लिए चारा है और ना ही उनके रहने के लिए शेड की व्यवस्था है। जो कच्चा शेड बनाया गया था वह हवा में उड़ गया है। इसीलिए सभी गाय खुले आसमान के नीचे पिछले सात-आठ दिनों से भूखे रह रही थी।पिछले 36 घंटों से हो रही लगातार बारिश में गाय भीग रही थी |गौठान का दरवाजा बंद होने कारण बारिश होने के बावजूद वह से नही निकल पाई |और तेज बारिश में भीगते रही | लगातार भीगने से गाये ठंड को सह नहीं सकी और भूखे रहने के कारण उनकी मौत हो गई। गौठान में जो अन्य गाय रखी हुई है.वे भी मरणासन्न अवस्था में ही दिखी। कुछ ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि गांव में गौठान तो बना लिया गया है लेकिन गायों को रखने के साथ उनके चारे की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि गाय के मरने के बाद राज को छुपाने के लिए उन गायों को दफना दिया जाता है। चुकी बारिश होने के कारण सरपंच व सचिव को गायों के मरने की जानकारी नहीं हो पाई इसीलिए गायों के मरने का राज खुल गया। गायों के मरने के बाद सरकार की रोका,छेका और नरवा, गरवा घुरवा बारी योजना की पोल को खोल कर रख दिया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि गायों की मौत की खबर के बावजूद 7 घंटे गुजरने के बाद भी मौके पर ना तो पशु चिकित्सक पहुंचे थे और ना ही जनपद का कोई अधिकारी.. इस संदर्भ में जब जनपद सीईओ से मोबाइल पर चर्चा करने की कोशिश की गई तो उनके मोबाइल का स्विच ऑफ मिला। शाम 6 पंचायत इस्पेक्टर ने बताया कि वह मौके का जायजा लेने जा रहे हैं। उधर गांव के सरपंच का कहना है कि गायों को रखा तो गया है लेकिन उनके खाने की व्यवस्था मुहैया नहीं कराई गई है। इतनी सारी गायों के खिलाने के लिए पंचायत में फंड भी नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते वे मौके नही जा पाए थे |भाजपा के युवा नेता विकास कोटवानी ,भाजपा के विस्तारक पवन अग्रवाल ने गाय के मौत के मामले में गोव हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है |

छतौद के गौठन में तीन गायों की भूख से मौत

छतौद के गौठन में भी तीन गायों की भूख से मौत तिल्दा विकासखंड के छतौद ग्राम पंचायत के गौठन में भी शुक्रवार को तीन गायों की भूख से मौत हो गई। गायों की मौत के बाद सरपंच के आदेश पर गौठान में रखी सभी गायों को छोड़ दिया गया।गौठान से छोड़ी हुई गाय आज भूखे हालत में सड़कों पर घूमते नजर आई। बताया जाता है कि कई गाय भूख और बारिश में भीगकर बीमार हो चुकी थी, यदि गायों को नहीं छोड़ा जाता तो आज कल में और भी कई गाय वहां मर जाती।यहां भी न कोई पशु चिकित्सक पहुंचा है और ना ही कोई जवाबदार अधिकारी। इसके अलावा मोहगांव में भी दो गायों के मरने की खबर मिली है।

NEWS27_REPORTER

http://news27.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *