बस्तर के गांवों में गायताई  प्रथा   संचालित हो रही..

By.. शिवचरण सिन्हा

कांकेर.दुर्गुकोंदल :- आज भी बस्तर के ग्रामों में गायताई की प्रथा सुचारू रूप से संचालित हो रही है कुछ गांव में पारा मोहल्ला के कारण हर पारा मोहल्ला में गायता होते हैं और उनका अपना नियम चलता है । ऐसा ही एक मामला दुर्गकोंदल के नजदीक ग्राम खुटगांव से आज प्राप्त हुआ जहां 6 सितंबर 2020 दिन रविवार को ग्राम खुटगांव के दोनों खुटगांव वासी एवं आश्रित ग्राम से आए हुए प्रमुखों के बीच में 2 खुटगांव में दो गायता को एक करने के संबंध में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। ग्रामवासी एवं आश्रित ग्रामों से आए हुए ग्राम प्रमुखों के निर्णय अनुसार दो गायता को एक करने के संबंध में विचार विमर्श किया गया और इस समस्या को सुलझाने हेतु समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। इस समिति ने आपस में चर्चा कर दो बिंदुओं पर निर्णय सुनाया जिसके तहत ग्राम प्रमुखों के बीच दोनों गायता चैतू राम नरेटी एवं मानू राम नरेटी दोनों गायता एक होने पर सहमत हुए। जिसमें से जो भी गायता इस निर्णय का उल्लंघन करता है तो उसके द्वारा ₹50151 दंड की लेने की घोषणा की गई, साथ ही साथ यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम खुटगांव के ग्रामवासी द्वारा गांव की ओर से उल्लंघन करने पर उससे ₹25000 दंड देने की घोषणा किया गया दोनों गांव के गायताओं को मिलने की प्रक्रिया 19 सितंबर से करने का तय किया । जिस पर सभी ने सहमति प्रदान करते हुए इस प्रस्ताव को पारित किया।

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