दुर्गुकोंदल :ग्रामीणों ने       आंगनबाड़ी खोलने का   शासन के  निर्णय का विरोध किया

By. शिवचरण सिन्हा

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दुर्गुकोंदल:–कोरोना के बढ़ते संक्रमण काल में आंगनबाड़ी केंद्रों को संचालित करने और शिशुवती तथा गर्भवती माताओं को केंद्र बुलाने के शासन के आदेश को ग्रामीणों ने अब्हारिक और खतरनाक निर्णय बताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। 2 सितंबर 2020 को छत्तीसगढ़ मंत्रालय महिला एवं बाल विकास की ओर से जारी आदेश के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा ग्राम भोजन प्रदान करने हेतु 7 सितंबर से आंगनबाड़ी खोलने का निर्देश दिया गया है जो कि पूर्ण रूप से आब्हारिक है. बढ़ते इस संक्रमण काल में शिशु गति और गर्भवती माताओं को संक्रमण की ओर धकेलने का काम होगा. वर्तमान में संक्रमण के फैलते भयावह स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए 21 सितंबर तक स्कूल कॉलेज और कोचिंग सेंटरों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है. और शिशु गर्भवती महिलाओं तथा 65 वर्ष से अधिक उम्र की महिला एवं पुरुष और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर से नहीं निकलने की पूर्ण रूप से हिदायत दी गई है लेकिन दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा केंद्र खोलकर आंगनबाड़ी केंद्रों में बुलाए जाना समझ से परे है. दुर्गुकोंदल के ग्रामीणों ने सरपंच की उपस्थिति में बैठक कर आंगनबाड़ी खोलने का शासन का निर्णय का विरोध किया है ।विकासखंड में कुल 274 आंगनबाड़ी है जहां के पालक अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र नहीं भेजने का मन बना लिए है।कोरोना माहमारी को देखते हुए फैसला बच्चों के हित में सहीं नहीं है। अतः इस आदेश को वापस लेने का अपील किया है।बैठक में पार्वती सोरी सरपंच ग्राम पंचायत दुर्गुकोंदल,राधा जैन जनपद सदस्य,लालजी दुग्गा ग्राम पटेल,दुलम नरेटी,दर्शन नरेटी,मनबोध साहू,छन्नू नायक,कार्तिक दीवान,महरु नाग,मानकी मरकाम,दीपक यादव,मानकों नरेटी,राजेश गावड़े,राजकुमार नरेटी, घनश्याम कोवाची, इरेश निषाद,सोनाराम उसेंडी,कमलेश दुग्गा आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

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