आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता के साथ बनेगा गर्म भोजन, रसोइयों के लिए मास्क अनिवार्य


राजनांदगांव। बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की सेहत को स्वस्थ रखने के लिए राज्य शासन के निर्देश पर जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 15 सितंबर से पुनः शुरू किया जाएगा। इससे पहले आंगनबाड़ी केन्द्रों में साफ सफाई एवं सेनेटाईजेशन का कार्य किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों को शुरू करने से पूर्व इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि, गर्म भोजन तैयार करने के दौरान खाद्य स्वच्छता से संबंधित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। रसोइया द्वारा मॉस्क का उपयोग किया जाए एवं बीमार होने की स्थिति में भोजन तैयार नहीं किया जाए।
आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से दोपहर का पोषण आहार अब पहले की तरह ही गर्म भोजन के रूप में प्रदान किया जाएगा एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित होने वाले स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का भी आयोजन किया जाएगा। दो माह का सूखा राशन (टीएचआर) पहले ही वितरण किया जा चुका है। कोविड-19 के कारण 14 मार्च 2020 से आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन बंद रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों के घर पहुंचाकर सूखा राशन प्रदाय किया गया है। बच्चों के पोषण स्तर को बनाए रखने एवं स्वास्थ्य सुविधा के लिए वर्तमान में फिर से प्रभावी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे कुपोषण के स्तर में कमी लाने में सफलता मिल सके। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे चरण-4 के अनुसार जिले में 36 प्रतिशत बच्चे कम वजन के हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ जैसी संस्थाओं का भी मानना है कि कोविड-19 के कारण कुपोषण में बढ़ोतरी हो सकती है, इसीलिए कुपोषण की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। चूंकि स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सुविधा अति आवश्यक है, इसलिए छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा गरम भोजन प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की राजनांदगांव जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया कि जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 15 सितंबर से पुनः किया जाएगा। कोई आंगनबाड़ी केन्द्र यदि कंटेनमेंट जोन में आते हो अथवा जिला प्रशासन द्वारा बंद रखने का निर्णय लिया गया है, उन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित नहीं होगा। सुपरवाइजरों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को केन्द्र के खोलने के बाद कोविड-19 के प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।


आंगनबाड़ी केंद्रों में होंगे ये सभी क्रियाकलाप


० छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की टीकाकरण।
० समस्त गर्भवती स्ति्रयों के लिए प्रसव पूर्व देखभाल और टीकाकरण।
० छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को अनुपूरक पोषण।
० गर्भवती और शिशुओं की देखभाल करने वाली स्ति्रयों को अनूपूरक पोषण।
० 15 से 45 वर्ष के आयु वर्ग की सभी महिलाओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा।
० गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्वक देखभाल तथा शिशुओं की देखरेख करने वाली माताओं की प्रसवोत्तर देखभाल।
० नए जन्मे शिशुओं तथा 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल।
० कुपोषण अथवा बीमारी के गंभीर मामलों को अस्पतालों, समुदाय स्वास्थ्य केन्द्रों अथवा जिला अस्पतालों (पोषण पुनर्वास केंद्र/नवजात शिशु गहन देखरेख यूनिट) को भेजना।

० 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को अनौपचारिक विद्यालयपूर्व शिक्षा प्रदान करना।

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