राजनांदगांव। कोरोना से रोकथाम के लिए जन-जागरूकता के साथ ही जिले में अन्य हरसंभव प्रयास भी किए जा रहे हैं। बैनर-पोस्टर के माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर दो गज की दूरी बनाए रखने, मास्क लगाने व बार-बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा डॉक्टर अब कोरोना के दुष्प्रभावों को लेकर उपजने वाले तनाव से मुक्ति पर भी जोर दे रहे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आए कई मरीज बिना लक्षण वाले भी हैं और ये घर पर ही रहकर इलाज करा रहे हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों का मानना है कि इलाज की अवधि लंबी होने की वजह से कोरोना संक्रमित तनावग्रस्त हो जाते हैं, इसीलिए अब तनाव से मुक्ति की भी पहल की जा रही है। ऐसे मरीजों को राहत देने और मानसिक तनाव दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टर अब गैर परंपरागत उपचार प्रणाली का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। होम आइसोलेट मरीजों के लिए डॉक्टरों ने मानसिक स्वास्थ्य संतुलन एवं तनाव प्रबंधन कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत ऑनलाइन ही योग आसन, प्राणायाम, योग निद्रा तथा संगीत के माध्यम से इलाज कर रहे हैं। डॉक्टरों की टीम ने इस प्रोजेक्ट को पहले अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों पर प्रयोग किया जो कि कारगर साबित हुआ।
इससे अब होम आइसोलेट मरीजों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे तनाव मुक्त रह सकें। संजीवनी स्वास्थ्य भारती कार्यक्रम के तहत इस प्रोजेक्ट का नाम एडजेस्ट थैरेपी फॉर होम बेस्ड मैनेजमेंट ऑफ कोविड पेशेंट रखा गया है। यानी कि अतिरिक्त गैर परंपरागत चिकित्सा एवं प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से इलाज कर रहे हैं। इस कार्यक्रम से कोविड-19 के मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया जा रहा है।
तन-मन की ताजगी के लिए हर दिन कुछ नया
डॉ. देशकर ने बताया कि कार्यक्रम के तहत संयोग, नाद, आहार, मीमांसा, निदान, संवाद एवं ’कुछ पन्ने जिंदगी की किताब से’ नाम देकर अलग-अलग दिनों का प्रोग्राम तय किया गया है। संयोग के तहत योग, योगनिद्रा एवं ब्रेथिंग तकनीक पर आधारित आधे घंटे का लाइव कार्यक्रम होता है। इसे फिजियोलॉजिकल डिपार्ट की ओर से कराया जाता है। इसी तरह नाद के तहत कोविड मरीज को तनाव से मुक्ति के लिए संगीत का सहारा दिया जा रहा है। इसे कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. ओंकार कश्यप सहित अन्य संगीत विशेषज्ञ संचालित करते हैं। सत्र के दौरान मरीज संगीत के साथ अपने पसंद का गीत गा सकते हैं, गुनगुना सकते हैं। निदान के तहत सामान्य चिकित्सा संबंधित विषयों पर जनरल प्रैक्टिशनर विचार-विमर्श करते हैं।


प्रोग्राम से जुड़ने का यह है तरीका


इस संबंध में कार्यक्रम निदेशक डॉ. अतुल मनोहर रॉव देशकर ने बताया कि इसका सत्र सुबह 11 से 12 बजे के बीच किया जाता है, क्योंकि इस समय मरीज थोड़ा शांतचित्त रहते हैं। इस प्रोग्राम का लिंक प्राप्त करने के लिए sanjeevaniswasthbharti@gmail.com में संपर्क कर सकते हैं। सेवा का लाभ लेने के लिए जीमेल पर अकाउंट होने पर गूगल मीट से उक्त मीटिंग में हिस्सा ले सकते हैं। इसमें रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। डीन डॉ. रेणुका गहने और अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है।


बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष काढ़ा

जिला आयुर्वेद विभाग द्वारा भी जनसामान्य को जागरूक करने एवं उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुष काढ़ा का वितरण किया जा रहा है। यह काढ़ा संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ द्वारा दिए गए निर्देश पर जिला आयुर्वेद कार्यालय, राजनांदगांव में तैयार किया गया है और वर्तमान में कोविड-19 के मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ मौसमी बुखार व सर्दी-खांसी की रोकथाम में भी सहायक माना जा रहा है। कलेक्टोरेट में भी कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा (आई.ए.एस.) एवं सभी स्टॉफ को आयुष काढ़ा उपलब्ध कराया गया। इसी तरह लोगों के लिए राजनांदगांव के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय के आयुष विंग बसंतपुर, शासकीय होम्योपैथी औषधालय गौरवपथ एवं शासकीय आयुष पॉली क्लीनिक मोतीपुर में काढ़ा उपलब्ध कराया गया है। जिला आयुर्वेद कार्यालय अब यह काढ़ा राजनांदगांव के सभी कोविड केन्द्रों में रखे गए मरीजों को भी वितरण करने की तैयारी कर रहा है, जहां कोरोना संक्रमित मरीज इसका सेवन कर जल्दी स्वस्थ हो सकेंगे।

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