दुर्गुकोंदल :  मोहल्ला क्लास में कोविड-19 से रोकथाम बचाओ  अभियान

By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंदल :-2 दिसंबर को आयुर्वेद ग्राम कोदापाखा के स्वास्थ्य दल के द्वारा हाई स्कूल कोदापाखा के द्वारा संचालित मोहल्ला क्लास में कोविड-19 से रोकथाम बचाओ संबंधित अभियान चलाया गया जिसके तहत पंपलेट वितरण किया गया व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए त्रिकटु चूर्ण वितरण किया गया। आज के इस कार्यक्रम में डॉक्टर के व्ही वेणुगोपाल के द्वारा बताया गया कि गर्म पानी, साबुन से बार-बार हाथ धोना, मास्क का लगातार उपयोग ,सुरक्षित दूरी के साथ, हल्दी जीरा धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का भोजन में प्रयोग का महत्व व उसकी उपयोगिता की जानकारी दी।

गोल्डन मिल्क वह त्रिकटु चूर्ण बनाने की विधि व सेवन की मात्रा के बारे में विस्तार से बताया ,साथ ही पानी में थोड़ी काली मिर्च पाउडर नींबू का रस और अदरक का रस मिलाकर सभी को एक साथ उबालकर सेवन करें इसका दो से तीन बार उपयोग किया जा सकता है। इससे वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण से प्रभावित नहीं होगा एक विशेष रसायनिक प्रतिक्रिया बनती है जब अदरक काली मिर्च और नींबू के रस को पानी में मिलाकर उबाला जाता है यह नया रसायनिक परिवर्तन किसी भी बुरे वायरस और बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता रखता है ।

नींबू हर जगह उपलब्ध है इसका अद्भुत सरल चिकित्सा का उपयोग कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। सुबह उठकर गुनगुने पानी में नींबू के रस को कुछ बूंदे मिलाकर पीना बहुत फायदेमंद है इसमें शरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं यह वजन घटाने का भी एक कारगर उपाय है। नींबू में अम्ल पाया जाता है पोषक तत्वों के अवशोषण क्षमता को बढ़ाता है नींबू में उच्च मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो संक्रमण से लड़ने के लिए फायदेमंद है और कारगर उपाय है विटामिन सी हमारे रोग प्रतिरक्षा तंत्र को सक्रिय बनाने में मददगार है नींबू में कई औषधि गुण मौजूद है इसमें कैल्शियम पोटेशियम फाइबर जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं इसके अलावा यह एंटीमाइक्रोब एरियल गुण से भी समृद्ध है ।वहीं यह रक्त को साफ करता है नींबू को हमारे यहां सर्वश्रेष्ठ रोग नाशक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल के रूप में प्राचीन काल से ही मान्यता प्राप्त है इसके कई किस्में होती है जैसे कागजी बिजोरा भंवरी आदि साधारण निबू छोटा होता है आंवले के समान व कागजी नींबू का उपयोग अचार बनाने में किया जाता है पतले छिलके वाले कागजी नींबू पर्याप्त रस युक्त होते हैं इस फल का उपयोग अमृत के सेवन के समान होता है औषधि के रूप में कागजी नींबू का ही प्रयोग करना चाहिए इसका आकार छोटा हुआ मध्यम होता है नींबू में कुछ मात्रा में आयरन तथा विटामिन ए भी मिलता है नींबू का रस कब्ज जैसी तकलीफों को भी कम करता है क्योंकि यह पाचन तंत्र को सुचारू बनाता है जिससे शरीर निरोग रहता है यह शरीर को मजबूत एवं आकर्षक बनाने में मदद करेगा जागरूकता कार्यक्रम में और कर्मचारी सविता कोमरे सोना राम नेताम जगदीश मरकाम का सहयोग रहा इस अवसर पर हाई स्कूल के प्राचार्य घना राम कश्यप शिक्षक शोभित राम कोर्राम उपस्थित थे।

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