घुमक्कड़ राजे की कलम से

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जनता आपको बता दूं ….

आज देश को चलाने के लिए दो राष्ट्रीय पार्टी ही हैं एक भाजपा दुसरा कांग्रेस,विचारधारा में तीन बायां1964 में अाया मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी , मध्य 1885 कांग्रेस है ये जन्म देने वाली पार्टी है एवं दाहिना भाजपा 1951जिसका उद्देश्य राष्ट्र के नवनिर्माण है तीसरा किसी पार्टी का पुरे भारत में अच्छा आचरण या खराब आचरण नहीं दिखा है? हां लेकिन कई राज्य के पार्टी भी शामिल हैं।
अब बात करते हैं यहां तीसरा कोई पार्टी नहीं ( बायां )। यह मध्य कांग्रेस है1885 इसके जनक अंग्रेज से सफर करते 1981 में इंदिरा से इंडियन नेशनल कांग्रेस है जिसमें एक परिवारिक पैतृक संपत्ति के बदौलत अब श्री राहुल गांधी अध्यक्ष हैं एवं दाहिना भाजपा स्यामा प्रसाद1951से लेकर 1980 में नया जन्म हुआ है जिसके निर्माण कर्ता श्री अटल बिहारी हैं । इसके अध्यक्ष पैतृक नहीं रहे समय के साथ बदलते रहते हैं।

यहां दोनो पार्टी चुनावी एजेंडा में क्या-क्या लेकर आएगें , लुभावने वादे करेंगे शीर्ष चेहरा को सामने रख चुनाव लड़ेगे ।सरकार बनेगी योजना बनेंगे विकास होगा । भारत की यह दोनो पार्टी पुरानी एवं अनुभवी हैं दोनो का जन्म अस्सी के दसक में बिखर कर एक हुआ है। विकास दोनो ने किया है।घोटाले पार्टी के लोगों के नाम हुआ है। पार्टी में हम आम नागरिक होते हैं। जनता ही निचे से लेकर उंचे पदो पर बैठने वाले होते हैं।अबकी बार किसकी जरूरत ये जनता तय करेगी ।

आपकी जिम्मेदारी लोकतंत्र को मजबूत बनाना है। यहां देश को सोंचिए । तब भी किसान थे अब भी हैं। यहां सभी गांव में ग्रामीण उद्योग का बढ़वा करना है। देश के निर्माण एवं असली ताकत एक वैज्ञानिक दुसरा इंजीनियर हैं। यह सच है। मैं यहां इंजीनियर एम. #विश्वेसरैया ,1920 के बातो को रखना चाहूँगा :- भारतीय जनता को इस बात का चुनाव करना होगा कि वो #शिक्षित बनेंगे या ज्ञान के प्रति #अनभिज्ञ बने रहेंगे,वे बाहरी दुनियां के नजदीक आकर इसके प्रभावों पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे या अलग-थलग अौर #मूकदर्शक बने रहेंगे। उन्हें चुनना होगा की वे #संगठित होंगे या बिखरे हुए रहेंगे,वे साहसी या भीरू बने रहेंगे।उन्हें ये भी चुनना होगा कि वे उधमी बनेंगे या निष्क्रिय बने रहेंगे। वे #कृषि प्रधान देश बनना चाहेंगे या #अौधोगिक, वे #गरीब बने रहना चाहेंगे या समृद्धि की ओर कदम बढ़ाएंगे। उन्हें ये भी तय करना होगा कि क्या वे #मजबूत अौर #सम्मानित #राष्ट्र बनना चाहेंगे या कमजोर बने रहकर #प्रगतिशील देशों के वर्चस्व में जीना पसंद करेंगे । इन सब चीजों के लिए #भावनाओं की नहीं बल्कि #ठोस #कार्यों की आवश्यकता होगी जो निर्णयात्मक साबित होंगे।

लोकतंत्र में जनता फैसला तुम्हारा लेकिन नाकारात्मक फैसला लेने के बजाय सकारात्मक फैसला लें। हर कार्य में प्रथम मानव संसाधनों की जरूरत होती है हमें कुशल मानव संसाधन बनने की अोर अग्रसर होने की जरूरत है देश तब भी था आगे भी रहेगा नेता आएंगे जाएंगे हमें स्वयं की निर्माण के साथ देश को मजबूत बनाना है । यहाँ जरूरत है पार्टी को समझने की कब किसे वोट दें कांग्रेस ने भारत में दोनो विचार धारा को जन्म दिया है। परिवर्तन ही जीवन का नियम है। जनता को अपना मत समझना होगा । खास कर अब के १८ वर्ष के युवाओं को जागना होगा पार्टी को समझना होगा । सरकार मानव संसाधनों के निर्माण किये तब जाके भारत आज विश्व में खड़ा है कितनो ने कहा यह ध्वस्त हो जायेगा परन्तु कर न सके । विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र है “भारत”

“आपको अपने बच्चों को कुशल मानव संसाधनों में तब्दील करने की जरूरत है”

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