दुर्गूकोंदल:  डां अंबेडकर ने संविधान निर्माण कर  मौलिक अधिकार दिलाया – मुकेश गावडे़

By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गूकोंदल। सर्व आदिवासी एवं मुलनिवासी समुदाय के तत्वधान में 14अप्रैल को विकासखंड दुर्गूकोंदल के ग्राम साधुमिचगांव में संविधान निर्माता बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सभी पदाधिकारियों ने डां अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया। मूल निवासी अधिकार मंच के अध्यक्ष मुकेश गावडे़ ने कहा कि डां अंबेडकर ने संविधान निर्माण हमसभी लोगों को अधिकार संविधान में मौलिक अधिकार दिलाई है। आज उन्ही बदौलत स्वतंत्र जी रहे हैं। उपाध्यक्ष नन्दकुमार गुरूवर, प्रवक्ता मानसूराम आंचला, सर्व आदिवासी समाज सर्कल कोण्डे अध्यक्ष धनसाय हुर्रा ने कहा कि संविधान हमारी रक्षा करती है, हमें भी दायरे में रहकर कार्य करना है। लेकिन संविधान में जो दर्जा हमें मिला है। उसका पालन शासन को करना चाहिए। लेकिन जो भी सरकार सत्ता में रहते हैं, जनहितकारी निर्णय लेने के बजाय संविधान संशोधन कर आम लोगों के अधिकार से छेड़छाड़ करते हैं। इन्होंने कहा कि यदि आप जनहित में ठोस पहल नहीं कर तो संविधान में बदलाव नहीं कर सकते हैं। इन्होंने कहा कि मूलनिवासियों की भावनाओं संविधान में लिखकर दर्जा दिलाने वाले डां भीमराव अम्बेडकर हमारे लिए पूजनीय हैं। बाबा साहब ने मूल निवासियों के लिए जो उल्लेख संविधान में किया है। उसका लाभ हर तबका को मिलना चाहिए। बात साहब के जन्म दिवस पर हम शासन से मांग करते हैं, कि हर कार्य मनमर्जी से नहीं होनी चाहिए। बल्कि संवैधानिक तरीके से होनी चाहिए। ताकि किसी भी व्यक्ति को संघर्ष करने जरूरत नहीं पड़ेगी। समूचे बस्तर में पांचवीं अनुसूची लागू है। संविधान पांचवीं अनुसूची के सभी अधिकार उल्लेखित हैं। सरकार को संविधान के अनुसार चलकर सख्ती से पालन करना चाहिए। तभी बाबा साहब अम्बेडकर की लिखित संविधान की सपना साकार होगी। इन्होंने कहा कि ऐसे जो भी राज्य वहां की मूल निवासियों के अधिकार संविधान में दर्ज है। उन्हें भी उनके अधिकार मिलना चाहिए। राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के कारण सरकारें संविधान की दिशा निर्देश ही भूल जाती हैं। ये भटकाव नहीं होनी चाहिए। संरक्षक सुरेश गावडे़, गायता जाडे़, नरसिंह गावड़े, मन्नूराम पुड़ो, सहदेव उसेण्डी उपस्थित थे।

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