By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंडल के ग्राम पंचायत कलगपुरी के आश्रित ग्राम पुजारी पारा क्वॉरेंटाइन सेंटर का फाइल फोटो 22 मई 2020


दुर्गुकोंडल 21 मई 2021।बस्तर संभाग में कोरोना की आज पहली बरसी है। ठीक आज के ही दिन 22 मई 2020 को बस्तर संभाग के कांकेर जिले के दुर्गुकोंदल ब्लाक के ग्राम पंचायत कलँगपुरी का एक 20 वर्षीय युवक पहला कोविड संक्रमित पाया गया था। युवक मजदूरी करने बांद्रा मुम्बई गया था। फिर देशव्यापी लॉकडाउन होने के कारण वापस अपने गांव लौटा था जिसे कलगपुरी आश्रित ग्रामपुजारी पारा के स्कूल में क़वारेन्टीन करके रखा था और प्रवासी मजदूर होने के कारण उनका आरटीपीसीआर सैंपल रायपुर के मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब भेजा गया था। जब उनकी पॉज़िटिव रिपोर्ट देर रात को ही जिले के आलाधिकारीयो को मिली फिर प्रसाशनिक अमले में हड़कंप मंच गया।

सुबह ही जिले के सारे अफसर कलँगपुरी पहुँच गए और गांव के सरहद को सील करवा दिया गया। यह खबर सोशल मीडिया और टीवी चैनलों के माध्यम से आग की तरह गांव के साथ जिले में फिर पूरे बस्तर संभाग में फैल गयी और लोगो पर दहशत का माहौल बन गया। युवक को उनके निकट संपर्क वाले लोगो की जानकारी लेकर तत्काल ही विशेष एम्बुलेंस के माध्यम से एम्स पहुँचाया गया। फिर उसके तीसरे ही दिन उनके साथ मजदूरी करने गए उनके और 4 साथियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गई। यही से बस्तर में पहली कोरोना मरीजो का आना शुरू हुआ जो आज पर्यन्त तक जारी है। कुछ दिन बाद उनके स्वस्थ होने पर उनको एम्स से छुट्टी दे दी गई थी। तब से लेकर आज तक रोज ब्लॉक में कोविड़ संक्रमित मरीज मिल रहे हैं।


सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-दुर्गुकोंदल के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज किशोरे बताते हैं कि ब्लॉक में पहला मरीज होने के कारण चिकित्सा, उपचार एवं सावधानियां सारी बातों में नया अनुभव था साथ ही सारे अधिकारियों एवं कर्मचारियों में भय था। फिर भी हमने उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन एवं अधिकारी-कर्मचारी आपस मे समन्वय बनाकर आज पर्यन्त तक इस कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ रहे है। साथ ही विकास खण्ड दुर्गुकोंदल के जनता से अपील है कि कोरोना के किसी भी प्रकार लक्षण पाये जाने पर निकट के स्वास्थ्य कार्यकर्ता से सम्पर्क करें या नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच अवश्य कराये और वेक्सीन जरूर लगवाएं। जांच और वेक्सीन दोनों निशुल्क लगाए जाते हैं।


वैसा दहशत हमने कभी अनुभव नही किया था!
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-दुर्गुकोंदल में पदस्थ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट श्री रूपेश कुमार मौहान बताते है कि उनके तत्कालीन खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ कमलकांत हतगियां द्वारा जैसे ही उनको जानकारी दी गयी कि आप लोगो के द्वारा लिया गया सैम्पल पॉज़िटिव पाया गया है फिर डर के कारण मैं बैठ नही पा रहा था। सचमुच मैंने वैसा दहशत जिंदगी में कभी अनुभव नही किया था। फिर पता चला कि और उनके निकट सम्पर्क वालो का और सैंपल लेना है बस क्या था ऐसा लगा कि दो-चार दिन की उमर और रह गयी हैं।

हमे डरे सहमे देखकर हमारे तत्कालीन खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ कमलकांत हतगियां द्वारा काफी देर तक प्रेरित किया गया। फिर हमने दोपहर के कड़कड़ाती धूप में पीपीई किट पहनकर बॉर्डर से एक किलोमीटर अंदर पैदल चलकर उनके निकट संपर्क वाले लगभग 70 लोगो का सैंपल लिया था जिसे हम कभी भूल नही सकते। उसके 1 सप्ताह बाद ही हमारे सैम्पलिंग टीम के एक डॉ और हमारे कुछ सहकर्मी भी संक्रमित हो गए। फिर धीरे-धीरे आदत बनती गयी और अब डर लगना बंद हो गया। फिर अब तक दुर्गुकोंदल ब्लॉक के लगभग चालीस हजार लोगों का सैंपल ले चुके हैं और निरंतर बिना किसी अवकाश के साल भर से अपना दायित्व निभा रहे है।


यह है दुर्गुकोंदल ब्लॉक के फ्रंटलाइन कोरोना वॉरियर्स ये कोविड-19 कार्य में रात दिन लगे हुए हैं…

रूपेश कुमार मौहान (एमएलटी)
विनोद कुलदीप
पुरुषोत्तम कोटपरिया
प्रदीप वर्मा(एमएलटी)


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