By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंदल। भारत में हजारों वर्षों से मसालों और जड़ी-बूटियों (जैसे अदरक ,काली मिर्च, दालचीनी, हल्दी, इलायची) का इस्तेमाल पाक कला में और बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। भारत मसालों का पुराना केंद्र रहा है। ये मसाले दुनिया भर में बेहद कीमती थे। आइए, इन मसालों में से अदरक से जुड़ी कुछ रोचक बातें योग शिक्षक संजय वस्त्रकार से जानते हैं।
अदरक भारतवर्ष के सब स्थानों में बोया जाता है। भूमि के अंदर उगने वाला कंद आद्र अवस्था में अदरक व सुखी अवस्था में सोंठ कहलाता है। यह उर्वरा तथा रेत मिश्रित भूमि में पैदा होने वाली गुल्म जाति की वनस्पति का कंद है ।हर कोई इसे जानता है इसके पत्ते बांस के पत्तों से मिलती-जुलती तथा एक या डेढ़ फीट ऊंची उगते हैं ।इसे हिंदी में आदी, अदरक,सौंठ,अंग्रेजी में Ginger इसके वैज्ञानिक नाम Zingiber officinale Rosc कुलनाम Zingiberaceae है।जो अधिकतर उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण कटिबंध भागों में पाया जाता है। अदरक में प्रोटीन , वसा ,कार्बोहाइड्रेट ,कैल्शियम, फास्फोरस,लौह तत्व, आयोडीन,क्लोरीन के अलावा विटामिन ए,बी और सी भी होते हैं। एक्सपर्ट्स का दावा है कि कोरोना से लड़ने के लिए आपकी इम्यूनिटी मजबूत होनी चाहिए और ऐसे में अदरक, गुड़-घी, गिलोय और तुलसी के पत्तों का सेवन काफी कारगर हो सकता है.दरअसल, अदरक मौसमी संक्रमण से बचाता है वहीं गिलोय, तुलसी और गुड़ से इम्यूनिटी मजबूत होती है। आयुर्वेद और घरेलू चीजें भी कोरोना से जारी लड़ाई में जीत का मंत्र साबित हो सकती हैं,शहद और अदरक दोनो का सेवन आपकी इम्यूनिटी में इजाफा करने में अहम भूमिका निभाता है। एक चम्मच शहद में थोड़ा सा अदरक मिलाएं,थोड़ी काली मिर्च मिलाकर सेवन करें. रोजाना सुबह पीना फायदेमंद होगा, ये इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है।औषधीय प्रयोग में विभिन्न प्रकार के रोगों में सहायक है जैसे शिरोवेदना, ,नजला,दमा,मूर्छा,दंतशूल,कर्णशूल,निमोनिया,अजीर्ण, अरुचि,उदररोग,मंदागनी,वमन,मूत्रकृच्छ,अण्डकोषवृद्धि,अतिसार,दर्द,संधिपीड़ा, ज्वर आदि में विभिन्न घटकों के साथ उपयोग करने से लाभ होता है।

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