By।शिवचरण सिन्हा

पंकजराज वाधवानी  जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष कांकेर

भानुप्रतापपुर/कांकेर जिला युवक कांग्रेस के अध्यक्ष पंकज राज वाधवानी  ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह आपदा का ऐसा दौर है जिसमें इंसानियत का जज्बा रखने वाला हर व्यक्ति अपने पूरे प्रयास से लोगों को बचाने में जुटा है। डॉक्टर, नर्स, लैबकर्मी और दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों को देखिए, हर दिन मौत और संक्रमण के बीच ही वे अपना वक्त बिता रहे हैं, इसलिए कि लोगों की जान बचा सकें और उन्हें बीमारी से ठीक कर सकें। बहुत से लोग मरीज के तीमारदारों को खाना-पानी पहुंचा रहे हैं ताकि उनकी तकलीफ कम हो सके।
लेकिन पूरा देश देख रहा है कि कुछ लोग इस पूरी आपदा के दौरान लोगों की मदद करने की बजाय उनका दर्द बढ़ा रहे हैं। इस दौर में लोग कोरोना महामारी और लॉकडाउन का दंश झेल रहे हैं  वैसे दौर में जनता के दर्द पर मरहम लगाने की जगह भाजपा के नेता टूलकिट के नाम पर जनता को गुमराह करके मूर्ख बना रहे हैं। रोज  थाने और चौक चोराहों में अपनी ड्रामेबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं जब की इनके नेता राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को सबूत पेश करने कहा गया तो उन्होंने 7 दिन का समय मांगा है। रायपुर पुलिस ने संबित पात्रा को रविवार की शाम 4 बजे तक खुद थाने पहुंचने को कहा था। यदि वे न आ सकें तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी पूछताछ में शामिल होने का ऑप्शन दिया था। बावजूद जवाब देने उन्हें 7 दिन का और समय चाहिए। मतलब 18 मई को ट्वीट करने के वक्त भाजपा नेता कांग्रेस के ऊपर आरोप तो लगा दिया परंतु उनके पास मनगढ़ंत बातों के अलावा कोई सबूत नहीं था ।


आज जरूरतमंदों के लिए मेडिकल किट, राशन किट, कोरोना रिलीफ किट बनाने की जगह ‘फर्जी टूलकिट’ बनाने का खेल खेला जा रहा है। ये सभी वे ही लोग हैं जिनको आपने आपदा के दौरान कभी अपने घर के बाहर तो कभी चौक चौराहों में पोस्टर लेकर बैठे दिखते हैं झूठ बोलने के सिवाय कुछ करते हुए नहीं देखा होगा।

नहीं ही भाजपा के नेता और ना ही देश के प्रधानमंत्री  मोदी जी आपदा को ले कर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। खतरा सिर पर मंडरा रहा था और हमारी मोदी सरकार दावा कर रही थी कि हमने जीत हासिल कर ली है। जब श्मशानों में शवों का अंबार दिख रहा था तो ये अपनी सभाओं में भीड़ देख कर खुश हो रहे थे। इन्हें झूठा प्रचार और भाषण के अलावा कुछ नहीं आता। इस एक साल के कीमती समय को भी इन्होंने अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड, आइसीयू बेड, वेंटिलेटर बेड, दवाओं का भंडारण बढ़ाने की जगह सिर्फ चुनावी रैलियों और झूठ का अंबार लगाया। एक तरफ शमशान के बाहर फुटपाथ और सड़कों पर लाशें जल रही थीं, तो दूसरी तरह प्रधानमंत्री की लाखों की रैलियां थीं।
परिणाम किसी से छुपा हुआ नहीं है, लाखों हिंदुस्तानियों ने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया। 90% से ज्यादा मौतें कोरोना से नहीं, बल्कि समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं न मिल पाने की वजह से हुईं, जिसके लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार जिम्मेदार है। अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए केंद्र और छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता और वॉट्सएप यूनिवर्सिटी वाले नेता ‘फर्जी टूलकिट’ ले आए ताकि जनता को मूर्ख बनाया जा सके। ‘फर्जी टूलकिट’ को ‘असली टूलकिट’ बताने में मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्री, भाजपा नेताओं ने कोई कसर नही छोड़ी।

भ्रम पैदा करने के लिए इन्होंने कांग्रेस की ओर से तैयार किए गए एक ऐसे कागज का सहारा लिया जो तथ्यों पर आधारित था। उसमें फर्जीवाड़ा कर टूलकिट बना लिया और फिर मूल दस्तावेज का मेटाडेटा दिखा रहे हैं ताकि इनका झूठ सामने न आए। ऐसे घटिया खेल को तकनीक की मदद से पकडऩा बहुत मुश्किल नहीं रहा। सोशल मीडिया कंपनी ने भी इनके पोस्ट को ‘मैनिपुलेटेड’ घोषित कर दिया है। भाजपा यह ड्रामेबाजी करना बंद करें भाजपा की हकीकत से जनता भली-भांति वाकिफ है इनके नेताओं को टूलकिट का मतलब ही नहीं पता है और इस माहमारी  की समय जरूरतमंद की मदद करना छोड़ चौक चौराहों थाने के सामने पर हल्ला, ड्रामेबाज कर रहे हैं।

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