कवर्धा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए डोर टू डोर सर्वे के साथ-साथ जिले में इन दिनों माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के विषय में भी जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं व किशोरियों के साथ माहवारी स्वच्छता प्रबंधन से संबंधित आवश्यक जानकारियां साझा करते हुए उनसे सैनिटरी पैड का उपयोग करने की अपील की जा रही है। साथ ही लापरवाही बरतने पर होने वाले संभावित संक्रमण के खतरे से भी उन्हें अवगत कराया जा रहा है।


सर्वे तथा माहवारी स्वच्छता प्रबंधन अभियान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम तथा महिला एवं पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इस दौरान महिलाओं के साथ ही विशेषकर जिन घरों में किशोरी है, वहां माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। माहवारी के दौरान कपड़े के उपयोग से होने वाले स्वास्थ्यगत नुकसान तथा सैनिटरी पैड के उपयोग से होने वाले स्वच्छता संबंधी फायदे बताकर महिलाओं और किशोरियों को जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है।


मितानित राजकुमारी निषाद ने बताया, ग्रामीण इलाके में अभी भी यह पाया जाता है कि ज्यादातर किशोरियों को माहवारी आने से पहले इस प्रक्रिया के बारे में पता ही नहीं होता। यही वजह है कि कठिनता से भरे इन चार-पांच दिनों में उनकी बुनियादी जरुरत को पूरा करने पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण परिवेश में रहने वाली किशोरियों के साथ ही होती है। इसीलिए खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों और महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है। सैनिटरी पैड के बारे में फैली झिझक को मिटाना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना ठाकुर ने बताया, माहवारी के दौरान कपड़े का उपयोग करने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, वहीं एक ही पैड का इस्तेमाल भी 4 से 6 घंटे तक नहीं करना चाहिए। उपयोग के बाद पैड को खुले में न फेकें, क्योंकि खुले में फेंके जाने से बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। पैड को जमीन में गहरा गाड़ दें या उसको जला दें या कागज में लपेटकर उसका उचित निस्तारण करना चाहिए।

इस संबंध में जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. शैलेंद्र कुमार मंडल ने बताया, हर साल 28 मई को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है और महिलाओं व किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के संबंध में जागरुक करने का प्रयास किया जाता है। इसी क्रम में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए डोर टू डोर सर्वे के साथ-साथ जिले के सभी विकासखंडों में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के विषय में भी जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। महिलाओं व किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता बरतने हेतु आवश्यक जानकारियां देकर उन्हें सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। डा. मंडल ने कहा, माहवारी के दौरान बरती जाने वाली स्वच्छता महिलाओं व किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इस आशय पर जोर देते हुए माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करनेए बीमारियों से बचने व सावधानी बरतने के टिप्स दिए जा रहे हैं।

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