कांकेर:   कामतेड़ा और कड़मे में नदी पर पुल बनने से कांकेर जिले के साथ-साथ नारायणपुर जिले के लोगों  को भी होगा फायदा

By।शिवचरण सिन्हा


कांकेर 29 मई 2021। जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और सुदूर ग्रामीण अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए सड़को के साथ-साथ पुलो एवं अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है साथ ही ग्रामीणों के लिए बिजली, पानी इत्यादि सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। जिन क्षेत्रों में नक्सलवादियों के खौफ के कारण विकास कार्य अवरूद्ध हो रहे थे, अब उन क्षेत्रों में भी सड़को का निर्माण तेजी से हो रहा है, साथ ही मार्ग में पड़ने वाले नदियों में उच्च स्तरीय पुलो का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यातायात सुगम होगा और इसका फायदा क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। नक्सल प्रभावित विकासखण्ड कोयलीबेड़ा अंतर्गत कोयलीबेड़ा से प्रतापपुर मार्ग में ग्राम कामतेड़ा एवं कटगांव के पास मेड़की नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है, यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है, जिसके कारण अर्द्ध सैनिक बलों की निगरानी में पुलों का निर्माण किया जा रहा है, इसके लिए कैंप भी स्थापित किये गये है। वर्तमान में कामतेड़ा और कटगांव पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

इन पुलों के बन जाने से कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के लगभग 20 से 25 गावों के अलावा नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत गोमे और आदनार एवं उसके आश्रित ग्रामों के अलावा आसपास के अन्य ग्राम पंचायतों को भी बारह मासी आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। उक्त क्षेत्रों के ग्रामीणों के अलावा नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत गोमे एवं आदनार के ग्रामीण भी अपने रोजमर्रा की जरूरतो के लिए कोयलीबेड़ा खरीदी करने आते है, इसके लिए उन्हे नदी पार करना होता है, उक्त पुल के बन जाने से उन्हे जान जोखिम में डाल कर मेड़की नदी को पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस क्षेत्र के गांव बारिस के दिनों में एक-दूसरे से कट जाते हैं। उक्त दोनों पुलों के बन जाने से कोयलीबेड़ा और पखांजूर की दूरी भी लगभग 120 किलोमीटर से घटकर 45 किलोमीटर ही रह जायेगा। अभी कोयलीबेड़ा वासियों को प्रशासनिक कार्यों के लिए पखांजूर जाने हेतु अंतागढ़-केंवटी, दुर्गूकोंदल, बड़गांव होते हुए पखांजूर जाना होता है। उक्त पुल के बन जाने से कोयलीबेड़ा से कामतेड़ा, कटगांव, महला, प्रतापपुर होते हुए पखांजूर पहंुचा जा सकता है, जिसकी दूरी लगभग 45 किलोमीटर होती है। कोयलीबेड़ा प्रतापपुर मार्ग के 12/8 किलोमीटर पर मेड़की नदी पर 205 मीटर लम्बाई की उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है, इसी प्रकार इसी मार्ग पर 19/8 किलोटर पर 373.20 मीटर लम्बाई का उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उक्त दोनों पुलों का निर्माण अर्द्ध सैनिक बलों की निगरानी में की जा रही है। कामतेड़ा पुल को मई 2022 एवं कड़मे पुल को जून 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अति संवेदनशील क्षेत्रों में बनाये जा रहे उच्च स्तरीय पुल


जिले के अति संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को रफ्तार देने के लिए सड़को के साथ-साथ पुलो का निर्माण भी किया जा रहा है। सेतु निर्माण उप संभाग कांकेर के द्वारा आतुरबेड़ा-निब्रा मार्ग मे 4/2 किलो मीटर पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है, वर्तमान मे पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है, इस पुल के बन जाने से लगभग 20 गांवों ग्रामीण लाभान्वित होंगे। सहित इसी प्रकार जिले में कोयलीबेड़ा-प्रतापपुर मार्ग में 12/8 किलोमीटर पर कामतेड़ा के पास और इसी मार्ग मे 19/8 किलोमीटर पर ग्राम कड़मे के पास मेड़की नदी में तथा किलोमीटर 23/8 पर महला नदी में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है, जिसके बन जाने से क्षेत्र के लगभग 20 से 25 ग्रामों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। अंतागढ़ के भैंसगांव एवं ग्राम आतुरबेड़ा मार्ग के 3/4 किलोमीटर पर मेड़की नदी मे उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है, जिसके बन जाने से लगभग 18 गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे।

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