लेमरु हाथी रिजर्व  निजी  कंपनी को सौंपा

प्रशासन द्वारा माह पूर्व स्वीकृति ली गई थी लेकिन प्रक्रिया बंद


रायपुर।हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा कोल ब्लॉक के लिए खनन परियोजना की स्थापना की सहमति छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने जारी की। यह ब्लॉक भी राजस्थान सरकार को आवंटित है और MDO अडानी कंपनी के पास है।
1252 हेक्टेयर की इस खनन परियोजना में 841 हेक्टेयर वन क्षेत्र है जिसका विनाश होगा।

आलोक शुक्ला ने बताया इस परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति वर्ष 2019 में जारी हुई थी जिसमे कंपनी द्वारा वाइल्डलाइफ बोर्ड के गलत और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किये गए थे । बिना कैचमेंट अध्ययन के जल संसाधन विभाग ने भी noc जारी कर दी थी। फिलहाल पर्यावरण स्वीकृति पर NGT में मामला चल रहा है।

इसी परियोजना के लिए वन स्वीकृति भी फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव के आधार पर हासिल की गई थी जिसकी शिकायत और जांच के लिए कुछ महीने पूर्व ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया था लेकिन कोई कार्यवाही नही।

इसी परियोजना के लिए पांचवी अनुसूचित क्षेत्रो की ग्रामसभाओं को दरकिनार करके कोल बेयरिंग एक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही हुई । इस मामले पर भी उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है और पिछले महीने ही न्यायालय ने संबंधित पक्षों को ग्रामीणों की याचिका पर नोटिश जारी किया है।

इसी परियोजना के खिलाफ ग्रामीण एक दशक से आंदोलन कर रहे है और वर्ष 2019 में 75 दिनों तक अनिश्चिकालीन धरना प्रदर्शन किया था। और इस परियोजना प्रभावित गांव से लेमरु हाथी रिजर्व बनाने के लिए कुछ माह पूर्व स्वीकृति भी प्रशासन द्वारा ली गई थी लेकिन प्रक्रिया को बंद कर दिया।

NEWS27_REPORTER

http://news27.org

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *