दुर्गुकोंडल :माह में खुली भ्रष्टाचार की पोल,  सम्बलपुर दुर्गुकोंदल मार्ग में होने लगे गड्ढे

By।शिवचरण सिन्हा


दुर्गुकोंडल 1 जून 2021। ग्रामीण क्षेत्रो को शहरों से जोड़ने के लिए प्रदेश में वृहद पैमाने पर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। भानुप्रतापपुर एवं दुर्गुकोंदल क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के द्वारा ठेकेदारो के माध्यम से सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें ठेकेदार नियम कायदों को तक पर रख मन मर्जी से घटिया व गुणवत्ताहीन निर्माण कर रहे हैं। विभाग की उदासीनता व लापरवाही के चलते सड़को की हालत इतनी दयनीय है कि बनने के 1 माह कर अंदर ही सड़क धंसने व उखड़ने लगी है। निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए विभाग के द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता, सारे काम ठेकेदारों व उनके मजदूरों के भरोसे छोड़ दिये जाते हैं जिसके चलते सड़के खराब बनती हैं।

ज्ञात हो कि सम्बलपुर से दुर्गुकोंदल तक लगभग 15 किलोमीटर सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा टेंडर के माध्यम से आरसी जैन दुर्ग के ठेकेदार को दिया गया था। इनके द्वारा घाटे में ठेका लिया गया और पैसे बचाने के लिए सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया गया। जिसके चलते कई बार अखबारों की सुर्खियों में भी बने रहे। ठेकेदार और अधिकारीयों की मिलीभगत का नतीजा यह रहा कि सड़क निर्माण पूर्ण होने के 1 माह के अंदर सड़क उखड़ने व किनारों से धंसने लगी है। जिसे मुरुम डाल कर खानापूर्ति किया जा रहा है। इनके द्वारा क्षेत्र में और भी सड़कें बनाई गई है उन सभी की गुणवत्ता पर संदेह है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

मिली भगत से हो रहा सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार

लोक निर्माण विभाग में सड़क का कार्य ठेकेदार टेंडर के माध्यम से लेते हैं। कंपटीशन के कारण  ठेकेदारों ने भारी घाटे में सड़कों का कार्य  निविदा से लिया और अपने घाटे को  मेंटेन करने के लिए करोड़ों की लागत से बन रही सड़कें पूरी तरह गुणवत्ताहीन बना रहे हैं। ऊंची पहुँच व विभागीय सांठ गांठ के चलते ठेकेदार भी बेधड़क घटिया काम करवा रहे हैं। निर्माण के दौरान विभाग के अधिकारी स्थल पर मौजूद नहीं रहते और गुणवत्ता की जांच भी नहीं कि जाती। नतीजतन सड़कें जल्द ही खराब हो जाती हैं और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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