छत्तीसगढ़ : सरकार का सर दर्द बनता जा रहा प्रेरक -संदीप द्विवेदी

रायपुर।साक्षर भारत अभियान 31 मार्च 2018 को केन्द्र सरकार बन्द करते ही देश भर के प्रेरको का जीवन तबाही की ओर चला गया । प्रेरक संघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप द्विवेदी ने बताया छत्तीसगढ़ के ऊर्जावान प्रेरकों को एकत्रित करके सरकार से प्रेरकों की मांगों को लेकर लड़ाई प्रारंभ किया गया है। प्रेरकों ने मुख्यमंत्री को ही उनके वजन का 11 गुना रक्तदान करने का आमंत्रण दे दिए पर मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे तो रायपुर जिला चिकित्सालय को 360 यूनिट रक्तदान प्रेरकों द्वारा किया गया । उन्होंने विधायक मंत्रियों तक तक पहुंच कर 50 से अधिक जनप्रतिनिधियों से प्रेरकों के मांग को जायज ठहराते हुए अनुशंसा पत्र भी लिखवाया ।

प्रेरक बेरोजगार है पर योग्यता की कमी नही

द्विवेदी ने बताया वर्तमान में प्रेरक बेरोजगार जरूर है पर योग्यता की कमी नही है संघर्ष के प्रति ऊर्जा की कमी दिखाई दे रही है । जब अभियान चलता था उस वक्त प्रेरक कार्य करते हुए भी गुमनाम था परंतु आज अपने सतत संघर्ष से एक पहचान बनकर उभर रहा है । संगठन के सभी प्रतिनिधि संघर्षशील संगठन को मां का दर्जा देकर कार्य करने का संकल्प लेते हैं और पूरा विश्वास करते हैं की सरकार उनकी जरूर सुनेगा। कुछ दिन पूर्व पंचायत मंत्री टी.एस.सिंह देव मुख्यमंत्री सलाहकार राजेश तिवारी सहित अनेक दिग्गज नेताओं ने खुले रूप से कहा की संघर्षशील प्रेरक पंचायत कल्याण संघ के मांगों पर जरूर विचार किया जाएगा ।

उन्होंने बताया विधानसभा चुनाव के समय प्रेरकों द्वारा खुलकर बेरोजगार करने वाले बीजेपी सरकार के खिलाफ दीवारों पर नारा लेखन सहित जगह जगह विरोध हुआ था तब टी .एस . सिंह देव द्वारा प्रेरकों को एकत्रित करके लिखकर वादा किया गया था की साथ देने पर आपको तत्कालिक रूप में रोजगार दिया जाएगा ।आज उसी वादे के इंतजार में संगठन के पदाधिकारी सतत सरकार के लिए सर दर्द बनते जा रहे हैं गांव पर कार्य करने से इनकी जमीनी पकड़ भी मजबूत है जिससे भविष्य में इनको अनदेखा करना व्यर्थ में सरकार को अपना दुश्मन बनाना साबित हो सकता है ।वर्तमान में प्रेरक संघ के पदाधिकारी कहते हैं कि जो भी करेगी कांग्रेस सरकार ही भला कर सकती है और हम अपनी लड़ाई सतत जारी रखेंगे।

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