दुर्गुकोंडल :आर्थिक नाकेबंदी कर सर्व आदिवासी समाज  ने  किया प्रदर्शन , सौंपा ज्ञापन

By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंडल 30 अगस्त 2021 ।आर्थिक नाकेबंदी कर सर्व आदिवासी समाज दुर्गूकोंदल ने जमकर प्रदर्शन किया। और सभा में आदिवासी एकता को मजबूत कर संवैधानिक अधिकार को पाने की हुंकार भरी। समाज के लोगों ने दिनभर प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार, महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ शासन, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम 20सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। सर्व आदिवासी समाज सिलगेर नरसंहार की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। सिलगेर जिला बीजापुर, तुमीरघाट, करकाघाट जिला कांकेर में बिना ग्रामसभा प्रस्ताव के कैंप स्थापना किया गया, इन कैंपों को शीघ्र हटाया जाये। दुर्गूकोंदल ब्लाक के माइंस से जिला खनिज न्यास निधि में रायल्टी के रूप में जमा राशि का शत् प्रतिशत खर्च माइंस प्रभावित क्षेत्र के गांवों में खर्च किया जाये, सिलगेर कांड में गोलीबारी करने वाले दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया जाये, मृत परिजनों को 50लाख मुआवजा और एक सदस्य को योग्यता अनुसार नौकरी दी जाये, घायलों को 5लाख मुआवजा प्रदान किया जाये।

नक्सल समस्या के लिए सभी पक्षों के बीच समन्वय कर राज्य सरकार शीघ्र पहल करे। शासकीय नौकरी के बैकलाग एवं भर्तियों पर आरक्षण रोस्टर लागू किया जाये, पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती में मूलनिवासियों को शत् प्रतिशत आरक्षण देकर संभाग और जिला स्तर पर भर्ती किया जाये, प्रदेश में खनिज उत्खनन के लिए जमीन अधिग्रहण की जगह लीज में जमीन लेकर जमीन मालिक को शेयर होल्डर बनाया जाये, गांव की सामुदायिक गौण खनिज का उत्खनन और निकासी का पूरा अधिकार ग्राम सभा को दिया जाये, ग्रामसभा के द्वारा स्थानीय आदिवासी समिति के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को खनिज पट्टा दिया जाये, आदिवासियों पर उत्पीड़न जैसे जमीन हस्तांतरण, महिला और बच्चों पर अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ितों की प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जा रहा है। इस पर राज्य सरकार कड़ाई से विशेष निर्देश जारी कर पालन कराया जाये, वन अधिकार कानून 2006का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये, पेशा कानून की क्रियान्वयन नियम तत्काल बनाकर अनुपालन करवाये जाये, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को नियम विरुद्ध ग्राम पंचायत बनाया गया है उसे विखंडित कर शीघ्र ग्राम पंचायत में परिवर्तित किया जाये, शिक्षा का निजीकरण बंद करो, बस्तर संभाग में छठवीं अनुसूची का दर्जा दिया जाये, हर किसान को राजस्व पट्टा दिया जाये, किसानों को सब्सिडी में खाद बीज और दवाई दिया जाये, अमर शहीद पातर हल्बा को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा दिया जाये, दुर्गूकोंदल विकासखंड को शीघ्र सूखाग्रस्त घोषित किया जाये। सर्व आदिवासी समाज की सभा में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जगतराम दुग्गा, कार्यकारी अध्यक्ष भीखम देहारी, संरक्षक धनीराम ध्रुव उपाध्यक्ष शकुंतला नरेटी, पंडित राम नरेटी, शिरो कोमरे, झाड़ूराम उयका, दरबू कोसमा, पुसऊराम दुग्गा ने समाज के लोग संबोधित करते हुए कहा कि संविधान में हमारे लिखित अधिकार हैं, पर शासन पालन नहीं कराती है, हमारे संवैधानिक अधिकार होने के बावजूद पालन नहीं होने से पुलिस सरेआम गोली चलाकर आदिवासी लोगों को मौत के घाट उतार देती है। और कार्यवाही के लिए सरकार की मुंह ताकते रह जाते हैं। सिलगेर में पुलिस की गोलीबारी से आदिवासी मारे गए अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस अवसर पर महत्तम दुग्गा, बाबूलाल कोला, कुबेर दर्रो, राजेश गोटा, मानसू आचला, रायधेर नेताम, रमेश दुग्गा, रामसू जाड़े, शिरो कोमरे, कुमार तोप्पा, आयनुराम ध्रुव, रंभूलाल समरथ, उदय पुरामे, सुमित्रा दुग्गा, कलिता आचला, उमेश्वरी मंडावी, शिव चिराम, सेवालाल चिराम, श्रीराम बघेल, मेरसिंग दुग्गा, छेरकूराम तुलावी, देवेन्द्र टेकाम, उमेश पोटाई, अजीत दुग्गा, संदेर उसारे, रसालू गावड़े, मानिक कड़ियाम, राम गावड़े सहित हजारों की संख्या में सर्व आदिवासी समाज के महिला पुरुष, युवक युवती उपस्थित थे।

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