गणेश चतुर्थी की धूम …

By।शिवचरण सिन्हा

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दुर्गुकोंडल 10 सितंबर 2021 गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है. यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है, लेकिन महाराष्ट्र में इस पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, पुराणों के अनुसार पंडित हेमंन प्रसाद मिश्रा ने बताया है कि इसी दिन गणेश भगवान का जन्म हुआ था. गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है.
बता दें कि हिंदी पंचांग के मुताबिक गणेश चतुर्थी का पर्व हर साल भादो मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, जो कि अगले 10 दिनों तक यानी अनंत चतुर्दशी तक चलता है. इस साल यह पर्व या उत्सव कल यानी 10 सितंबर से शुरू होकर 19 सितंबर तक चलेगा. यह पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर लोग भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं और उनकी विधि विधान से पूजा करते हैं।


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कई प्रमुख जगहों पर भगवान गणेश की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है. इन प्रतिमाओं का नौ दिनों तक पूजन किया जाता है. बड़ी संख्या में आस पास के लोग दर्शन करने पहुँचते है. नौ दिन बाद गानों और बाजों के साथ गणेश प्रतिमा को किसी नदी तालाब इत्यादि जल में विसर्जित किया जाता है.
गणेशोत्सव कब से मनाया जा रहा है, इस बात का कोई प्रमाणिक प्रमाण तो नहीं मिला है. इसके बावजूद गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाएं जाने का प्रमाण मराठा शासन काल से पाया जा रहा है. यह अनुमान लगाया गया है कि गणेश चतुर्थी 1630-1680 के दौरान मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी के समय में एक सार्वजनिक समारोह के रूप में मनाया जाता था. यह गणेशोत्सव मराठा साम्राज्य के कुल देवता के रूप में मनाना शुरू किया गया था. बाल गंगाधर लोकमान्य तिलक ने 1893 में इसे पुनर्जीवित किया।


सामान्यतः यह गणेशोत्सव ब्राह्मणों और गैर ब्राह्मणों के बीच संघर्ष को हटाने के साथ ही लोगों के बीच एकता एवं समरसता तथा भाईचारा लाने के लिए एक राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाना आरंभ किया गया. गणेश विसर्जन की रस्म बाल गंगाधर लोकमान्य तिलक द्वारा स्थापित की गई थी।


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गणपति बप्पा को मोदक अति प्रिय है. इस लिए भगवान गणेश के जन्मोत्सव के दिन सबसे पहले मोदक का भोग लगाएं.
गणेश जन्मोत्सव के दूसरे दिन बप्पा को मोतीचूर के लड्डू प्रिय है. श्रीगणेशजी के बाल रूप में पूजन करते हुए उन्हें मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं.
भगवान श्री गणेश की पूजा में प्रसाद के रूप में बेसन के लड्डू अर्पित करें और इसी से बप्पा को भोग भी लगायें.
गणेश चतुर्थी पूजा के चौथे दिन भगवान गणेश को केला का भोग लगाएं. सनातन धर्म में ये भोग के लिए उत्तम माना जाता है.
घर में स्वादिष्ट मखाने की खीर बनायें और इसे गणपति जी को भोग के रूप में अर्पित करें.
गणेश चतुर्थी को पूजा के दौरान गणपति को नारियल का भोग लगाएं.
गणेश पूजा में घर में बने मेवा लड्डू का भोग लगा सकते हैं.
दूध से बना कलाकंद भी बप्पा को प्रिय है इस लिए पूजा में किसी दिन कलाकंद का भोग लगा सकते हैं.
केसर से बनाएं गए श्रीखंड बप्पा को भोग के रूप में जरूर अर्पित करें.

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