रायपुर, 17 सितंबर 2021 । प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के मंदिर हसौद स्थित परिसर में आज प्रातः इंजीनियरों-शिल्पकारों-रचनाकारों के ईष्टदेव भगवान विश्वकर्मा की पूजा परम्परागत उत्साह और भक्ति भाव से हुई।

इस अवसर पर जेएसपीएल परिसर के शेड नंबर-4 में पूरे विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा-अर्चना कर कर्मचारियों ने जेएसपीएल के निरंतर विकास की उनसे प्रार्थना की। यूनिट हेड श्री अरविंद तगई और महाप्रबंधक श्री सुनील गुप्ता ने संयुक्त रूप से विधिपूर्वक भगवान की आराधना की। इस अवसर पर अनुष्ठान पं. वी.पी. पांडेय के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुकेश तिवारी, रविंदर शर्मा, कार्मिक प्रमुख सूर्योदय दुबे समेत अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।   

 भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के शिल्पी

कहते हैं कि विधिपूर्वक भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से रोजगार और व्यवसाय में तरक्की मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी कहा जाता है। वे निर्माण एवं सृजन के देवता हैं। वे संसार के पहले इंजीनियर और वास्तुकार कहे जाते हैं। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संसार में जो भी निर्माण या सृजन कार्य होता है, उसके मूल में भगवान विश्वकर्मा विद्यमान होते हैं। उनकी आराधना से कोई भी कार्य बिना विघ्न पूरे हो जाते हैं। पौराणिक आख्यानों के अनुसार विश्वकर्मा जी ने सृष्टि की रचना में ब्रह्मा जी का सहयोग किया तथा पूरे संसार का मानचित्र बनाया। भगवान विश्वकर्मा जी ने स्वर्ग लोक, श्रीकृष्ण की नगरी द्वारिका, सोने की लंका, पुरी मंदिर के लिए भगवान श्री जगन्नाथजी, बलभद्रजी एवं सुभद्राजी की मूर्तियों, इंद्र के अस्त्र वज्र आदि का निर्माण किया। ऋग्वेद में विश्वकर्मा जी के महात्म्य का उल्लेख है।

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