शिवचरण सिन्हा दुर्गुकोंडल जिला कांकेर


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  1. राम जी के वनवास से लौटने की खुशी में । ( यह सच हो सकता है पर अधूरा । )
    अगर ऐसा ही है तो हम सब दीपावली पर भगवान राम की पूजा क्यों नहीं करते ? लक्ष्मी जी और गणेश भगवान की क्यों करते हैं ?
    कारण – देवी लक्ष्मी जी कार्तिक मास की अमावस्या के दिन समुद्र मंथन में से अवतार लेकर प्रगट हुई थी । भगवान विष्णु काे आज ही के दिन उनके पांचवें अवतार वामन अवतार में देवी लक्ष्मी ने राजा बलि से मुक्त करवाया था ।
  2. इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षसों के राजा नरकासुर का वध करके उसके चंगुल से 16000 औरतों को मुक्त करवाया था इसी खुशी में दीपावली का त्यौहार 2 दिन तक मनाया गया । इसे विजय पर्व के नाम से भी जाना जाता है ।
    1. महाभारत के अनुसार कार्तिक अमावस्या को पांडव अपना 12 वर्ष का वनवास ( जो कि उन्हें चौसर में गौरव द्वारा हराये जाने के परिणाम स्वरूप मिला था ) काटकर वापस आए थे । इस प्रकार उनके लौटने की खुशी में दीपावली मनाई जाती है ।
    2. रामायण के अनुसार राम जी की रावण पर विजय होने के पश्चात एवं 14 वर्ष के वनवास की समाप्ति होने पर कार्तिक मास की अमावस्या के पश्चात नए दिन की शुरुआत थी जब भगवान राम – मां सीता और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या वापस लौटे थे तब अयोध्या के नागरिकों ने पूरी अयोध्या को दीपक मालाओं से प्रकाशित किया था ।
    3. आज ही के दिन भारत के महान राजा विक्रमादित्य का राज्याभिषेक हुआ था इसी कारण दीपावली अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना भी है ।
    4. आज ही के दिन कार्तिक अमावस्या को स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने आर्य समाज की स्थापना की थी ।
    5. जैन समाज के 24 वें तीर्थंकर श्री महावीर स्वामी जी ने आज ही के दिन कार्तिक अमावस्या को मोक्ष प्राप्त किया था ।
    6. सिक्ख धर्म के तृतीय सिक्ख गुरु श्री अमरदास जी ने इस दिवस को “लाल पत्र दिवस” के रुप में मनाया था , जिसमें सभी श्रद्धालु गुरु से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे और सन् 1577 में अमृतसर में हरिमंदिर साहिब का शिलान्यास किया गया था ।
    7. सन् 1619 में सिक्ख गुरु श्री हरगोविंद जी को ग्वालियर के किले से 52 राजाओं के साथ मुक्त किया गया था , जिन्हें मुगल राजा जहांगीर ने नजरबंद किया हुआ था । इसीलिए सिक्ख समाज इस दिवस को “बंदी छोड़ दिवस” के रूप में भी जानते हैं और मनाते हैं ।
    8. भगवान गणेश सभी देवों में प्रथम पूजनीय है इसलिए उनकी देवी लक्ष्मी जी के साथ दीपावली पर पूजा होती है ।
      उपरोक्त 10 कारणों के अलावा एक और कारण – सन् 1999 में पोप जॉन पाल 2 ने भारत में एक खास भाषण दिया था जिसमें चर्च को दीपावली के दियों से सजाया गया था पोप के माथे पर तिलक लगाया गया था और उन्होंने दीपावली के संदर्भ में रोंगटे खड़े कर देने वाली बात बताई थी । वर्ष 1999 के पश्चात भारत के प्रधानमंत्री- माननीय श्री नरेंद्रजी मोदी के निमंत्रण आग्रह पर पोप ने 22 वर्ष पश्चात भारत आने का निमंत्रण स्वीकार किया है ।
      अस्तु । इस दीपावली पर आप सभी से विनम्र निवेदन है कि आप अपने सोने के सिक्कों जैसे बच्चों को यह जानकारी जरूर देने का कष्ट करें ताकि उन्हें दीपावली के महत्व की पूरी जानकारी प्राप्त हो सके क्योंकि बच्चे ही समाज का असली धन है तथा बच्चे ही आपके भविष्य का दर्पण है ।

NEWS27_REPORTER

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