By।शिवचरण सिन्हा

दुर्गुकोंदल ।ग्राम मीचेवाड़ा विकासखंड दुर्गुकोंदल जिला उत्तर बस्तर कांकेर का पहाड़ी नुमा स्थल जहां गेरवाल देव का वास हो रहा है जिसे पूडो गोत्र का 14 टडा के अंतर्गत आने वाला परिवार से सेवा करते हैं। जिसका आंगा के रूप में शोधकर्ताओं को मिला देवता स्नान करने का एक ऐसा जल कुम्भ है जो चुल्हानुमा पहाड़ियों के मध्य है जो 12 महीने बहता है, जहां दुर्लभ किस्म के पेड़ पौधे मिले हैं यह चूल्हा नुमा पहाड़ी ककड़गोंदी के नाम से जाना जाता है। इसे गांव में पूडो गोत्र के लोग देवता, माता, भूमिहार, ठाकुर दाई का सेवा सदियों से करते आ रहे हैं तथा मीचेवाड़ा एकता के नाम से प्रख्यात है। इस ग्राम को पांडू पूडो ने बसाया है। शोधकर्ता श्री शेर सिंह आँचला,गोंड धर्म आचार्य, कोंडाराम पूडो गांव गायता,एवं गेरवाल देव का पेनओ तथा शुक् लाल नाग शोध दल का प्रवक्ता, कमल सिंह कोर्राम समाज प्रमुख नोडल अधिकारी बैजनाथ नरेटी मीडिया प्रभारी निर्भय कोवाची एवं अन्य कर्मचारी गण तथा ग्राम के प्रमुख लल्लू पूडो,शुकलू पूडो,शुकलू दुग्गा, शिवलाल दुग्गा, अली पूडो ,नारायण पूडो,विजय कोला आदि उपस्थित थे।

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